बिलासपुर न्यूज़ डेस्क: छत्तीसगढ़ में इस साल मानसून की रफ्तार ने हर किसी को हैरत में डाल दिया है। जहां राज्य के कुछ हिस्से भारी बारिश से तरबतर हैं, वहीं न्यायधानी बिलासपुर में बारिश का आंकड़ा इस बार बेहद चौंकाने वाला और चिंताजनक है। मौसम विभाग से मिले ताजा आंकड़ों के मुताबिक, बिलासपुर जिला अपने बीते 10 साल के मानसूनी औसत से करीब 34 प्रतिशत पीछे चल रहा है। सावन का महीना नजदीक होने के बावजूद उम्मीद के मुताबिक बादल नहीं बरसे हैं, जिसने जिले की कई तहसीलों में किसानों और आम जनता की चिंता को बढ़ा दिया है।
किस तहसील की स्थिति सबसे बेहतर
बिलासपुर जिले के भीतर मानसूनी वर्षा का वितरण इस बार काफी असमान रहा है। अगर बात करें कि किस तहसील की स्थिति सबसे बेहतर है, तो जिले के चुनिंदा ब्लॉक ऐसे हैं जहां शुरुआती दौर में ठीक-ठाक पानी गिरा है। इन इलाकों में पारंपरिक खेती और रोपा लगाने का काम जैसे-तैसे शुरू हो चुका है। हालांकि, स्थिति को पूरी तरह संतोषजनक नहीं कहा जा सकता, क्योंकि जिले का कोई भी हिस्सा इस समय अपनी सामान्य औसत सीमा को पार नहीं कर पाया है।
सबसे ज्यादा चिंता किन क्षेत्रों में
कम बारिश के चलते जिले के ग्रामीण इलाकों में सूखे जैसी स्थिति की आहट मिलने लगी है। सबसे ज्यादा चिंता किन क्षेत्रों में देखी जा रही है, इसकी बात करें तो बिल्हा, तखतपुर और मस्तूरी के कई मैदानी इलाके पानी की भारी कमी से जूझ रहे हैं। खेतों में दरारें पड़ने लगी हैं और जिन किसानों ने महंगे दाम पर धान के बीज खरीदे थे, उनकी फसलें अब पानी के अभाव में पीली पड़ने लगी हैं। यदि अगले कुछ दिनों में भारी बारिश नहीं होती है, तो इन तहसीलों में खरीफ की फसल को भारी नुकसान पहुंच सकता है।
शहर में वर्षा हुई, लेकिन लक्ष्य अभी दूर
हाल ही में बिलासपुर शहर में वर्षा हुई, लेकिन लक्ष्य अभी दूर नजर आ रहा है। शहरी इलाकों में रुक-रुक कर हो रही हल्की फुहारों या आधे घंटे की तेज बारिश से मौसम भले ही कुछ समय के लिए खुशनुमा हो जाता है, लेकिन यह जल स्तर को सुधारने या बांधों को भरने के लिए काफी नहीं है। मौसम विज्ञानियों का कहना है कि बिलासपुर को अपने 34 फीसदी के इस बड़े बैकलॉग (घाटे) को पूरा करने के लिए लगातार 3 से 4 दिनों तक मूसलाधार बारिश की जरूरत है।
Bilaspur News: सड़क किनारे नाली न होने से खेतों में घुस रहा बारिश का पानी, फसल को नुकसान
एक तरफ जहां बारिश की कमी से किसान परेशान हैं, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक लापरवाही भी अन्नदाताओं पर भारी पड़ रही है। बिलासपुर के ग्रामीण अंचलों से आ रही Bilaspur News के अनुसार, कई प्रमुख मार्गों और सड़कों के किनारे पक्की नाली का निर्माण न होने की वजह से मुसीबत खड़ी हो गई है।
हल्की सी बारिश होने पर भी सड़कों का पानी सही निकास न मिलने के कारण सीधे किसानों के खेतों में घुस रहा है। नाली के गंदे और तेज बहाव वाले पानी के कारण खेतों में लगी शुरुआती धान की फसल बह गई है और कुछ जगहों पर मिट्टी का भारी कटाव हुआ है, जिससे किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है।
छत्तीसगढ़ में झमाझम बारिश से जनजीवन प्रभावित, गरियाबंद में पुल क्षतिग्रस्त, रायपुर-बिलासपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट
बिलासपुर जिले की सूखी स्थिति के विपरीत, पूरे छत्तीसगढ़ की बात करें तो प्रदेश के कई हिस्सों में मानसून ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। छत्तीसगढ़ में झमाझम बारिश से जनजीवन प्रभावित हो गया है। बस्तर, दुर्ग और रायपुर संभाग के कई इलाकों में नदी-नाले उफान पर हैं। भारी बारिश के चलते गरियाबंद में एक बड़ा पुल क्षतिग्रस्त हो गया है, जिससे कई गांवों का संपर्क जिला मुख्यालय से पूरी तरह टूट गया है। मौसम विभाग ने राजधानी रायपुर और बिलासपुर समेत प्रदेश के कई महत्वपूर्ण जिलों में अगले 48 घंटों के लिए भारी बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।
बिलासपुर में झमाझम बारिश से बदला मौसम का मिजाज
मौसम विभाग के अलर्ट के बाद बिलासपुर में भी बादलों का डेरा जमा हुआ है। मंगलवार सुबह से ही आसमान में घने काले बादल छाए हुए हैं और ठंडी हवाएं चल रही हैं। बिलासपुर में झमाझम बारिश से बदला मौसम का मिजाज देखकर लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत मिली है।
रायपुर के मरीन ड्राइव पर उमड़ी लोगों की भीड़
राजधानी में हुई जोरदार बारिश के बाद मौसम सुहाना होते ही रायपुर के मरीन ड्राइव पर उमड़ी लोगों की भीड़ देखने को मिली। लोग मौसम का लुत्फ उठाने और रील्स बनाने के लिए बड़ी संख्या में तेलीबांधा तालाब (मरीन ड्राइव) पहुंचे।
धमतरी में 13 घंटे लगातार बारिश, कई वार्ड जलमग्न
मौसम का सबसे खतरनाक रूप धमतरी जिले में देखने को मिला। धमतरी में 13 घंटे लगातार बारिश, कई वार्ड जलमग्न होने की खबर है। शहर की निचली बस्तियों के घरों में घुटनों तक पानी भर गया है, जिसे निकालने के लिए नगर निगम की टीम जुटी हुई है।
राजिम में घरों तक पहुंचा बारिश का पानी
त्रिवेणी संगम राजिम में भी महानदी और पैरी नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। लगातार हो रही भारी बारिश के कारण राजिम में घरों तक पहुंचा बारिश का पानी लोगों के लिए आफत बन गया है।
गरियाबंद में पुल क्षतिग्रस्त, जतमई जलप्रपात पर बढ़ी पर्यटकों की भीड़
जहां एक ओर गरियाबंद में पुल क्षतिग्रस्त होने से आवागमन ठप है, वहीं दूसरी ओर प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर बहार आ गई है। प्रसिद्ध जतमई जलप्रपात पर बढ़ी पर्यटकों की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं ताकि कोई हादसा न हो।
अगले 24 से 48 घंटे तक भारी बारिश की संभावना
मौसम केंद्र रायपुर के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में बने एक नए सिस्टम के कारण छत्तीसगढ़ के मध्य और दक्षिणी हिस्सों में अगले 24 से 48 घंटे तक भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग ने लोगों को आकाशीय बिजली (गाज) गिरने के दौरान पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे न खड़े होने की सख्त हिदायत दी है।
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बिलासपुर जिले में कब पानी गिरेगा?
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों में अगले 24 से 48 घंटों के भीतर मानसून सक्रिय होने और अच्छी बारिश होने की प्रबल संभावना है।
बिलासपुर गर्म है या ठंडा?
बिलासपुर का मौसम मुख्य रूप से उष्णकटिबंधीय (Tropical) है। गर्मियों में यहाँ अत्यधिक गर्मी पड़ती है, जबकि मानसून और सर्दियों में तापमान में भारी गिरावट आती है और मौसम ठंडा हो जाता है।
बिलासपुर में औसत वर्षा कितनी होती है?
बिलासपुर जिले में वार्षिक औसत वर्षा लगभग 1100 मिमी से 1200 मिमी के बीच होती है, जिसका अधिकांश हिस्सा जून से सितंबर के मानसूनी महीनों में प्राप्त होता है।
छत्तीसगढ़ में पानी कब गिरेगा?
छत्तीसगढ़ में मानसून पूरी तरह से प्रवेश कर चुका है। राज्य के अधिकांश दक्षिणी और मध्य जिलों में भारी बारिश हो रही है, और बिलासपुर संभाग में भी अगले दो दिनों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
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