देश भर में मानसून ने अपनी दस्तक दे दी है, जिससे एक तरफ लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, तो दूसरी तरफ व्यवस्था की पोल खुल गई है। देश की राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में हुई पहली भारी बारिश ने पूरी दिल्ली को बेहाल कर दिया है। स्थिति इतनी खराब हो गई कि जलभराव के कारण दिल्ली-द्वारका एक्सप्रेस-वे को यातायात के लिए पूरी तरह बंद करना पड़ा। इसके अलावा तुगलकाबाद सहित राजधानी के कई प्रमुख इलाकों में पानी भर जाने से लंबा जाम लग गया है।
लखनऊ-बाराबंकी में आंधी के साथ जोरदार बारिश: वाराणसी में तेज हवा से नाव डगमगाई, यात्री चीखने लगे, शामली में सड़कों पर भरा पानी
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में मौसम का बदला मिजाज
राजधानी दिल्ली के साथ-साथ उत्तर प्रदेश में भी मानसून का व्यापक असर देखने को मिल रहा है। लखनऊ और बाराबंकी में रविवार की शाम को अचानक मौसम का मिजाज बदल गया और तेज आंधी के साथ जोरदार बारिश शुरू हो गई। लखनऊ के गोमतीनगर समेत कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ शुरू हुई बूंदाबांदी ने देखते ही देखते भारी बारिश का रूप ले लिया। बाराबंकी में भी रविवार शाम को हुई जोरदार बारिश से सड़कें पानी से लबालब भर गईं।
वाराणसी में गंगा नदी में टला बड़ा हादसा
धार्मिक नगरी वाराणसी (काशी) से मौसम का बेहद डराने वाला अपडेट सामने आया है। वाराणसी में अचानक आई तेज आंधी और बारिश के कारण गंगा नदी की लहरों में एक नाव पूरी तरह डगमगाने लगी। नाव पर सवार यात्री डर के मारे चीखने-चिल्लाने लगे, हालांकि नाविक की सूझबूझ से एक बड़ा हादसा टल गया। इसके साथ ही पश्चिमी उत्तर प्रदेश के शामली में भी जोरदार बारिश हुई है, जिससे सड़कों पर पानी भर गया है। इस बारिश से किसानों के चेहरे खिल गए हैं और उनका कहना है कि इस पानी से धान की फसल को बहुत बड़ा फायदा होगा। मऊ में भी तेज हवा के साथ लगभग बीस मिनट तक बादल जमकर बरसे, जबकि मेरठ में हुई तेज बारिश से लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से बड़ी राहत मिली है।
उत्तर प्रदेश में मानसून की चाल और स्थिति
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में मानसून की रफ्तार थोड़ी कमजोर पड़ी थी, जिसके कारण उमस काफी बढ़ गई थी। हवा के दबाव में आए बदलाव के कारण अब एक बार फिर से बादलों ने रफ्तार पकड़ी है।
मुंबई में आफत बनकर आया मानसून, गोरेगांव से कुर्ला तक मौत का साया, बारिश में पेड़ों ने छीनी दो जिंदगियां
देश की आर्थिक राजधानी में भारी तबाही
महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई में मानसून इस बार आफत बनकर बरसा है। मुंबई के गोरेगांव से लेकर कुर्ला तक भारी बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। जगह-जगह जलभराव के कारण यातायात ठप है। इस भारी बारिश और तेज हवाओं के कारण मुंबई के अलग-अलग इलाकों में विशालकाय पेड़ गिर गए, जिसकी चपेट में आने से दो मासूम लोगों की जान चली गई। प्रशासन लगातार राहत और बचाव कार्य में जुटा हुआ है।
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आज का मानसून अपडेट और इसकी वर्तमान स्थिति क्या है?
आज के ताजा अपडेट के अनुसार मानसून इस समय देश के उत्तरी और पश्चिमी हिस्सों में पूरी तरह सक्रिय हो चुका है। दिल्ली, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में लगातार भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है।
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में मानसून की क्या स्थिति है?
उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश (एमपी) दोनों ही राज्यों में मानसून आगे बढ़ रहा है। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, वाराणसी और मेरठ जैसे जिलों में आंधी के साथ पानी बरस रहा है, जिससे किसानों को लाभ हुआ है। मध्य प्रदेश के भी अधिकांश हिस्सों में झमाझम बारिश का दौर शुरू हो चुका है।
क्या इस बारिश से फसलों को कोई फायदा होगा?
जी हाँ, मैदानी इलाकों के किसानों के अनुसार यह मानसून की बारिश धान और अन्य खरीफ फसलों के लिए वरदान साबित होगी। शामली और आसपास के किसानों का मानना है कि इस समय पानी गिरने से फसलों की पैदावार अच्छी होगी।
निष्कर्ष
मानसून की इस पहली जोरदार बारिश ने जहाँ एक तरफ महीनों से पड़ रही भीषण गर्मी और उमस से आम जनता को बड़ी राहत दी है, वहीं दूसरी तरफ बड़े शहरों के प्रशासनिक दावों की पोल खोलकर रख दी है। दिल्ली से लेकर मुंबई तक जलभराव और हादसों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। आने वाले दिनों में मौसम विभाग ने और अधिक भारी बारिश का अनुमान जताया है, इसलिए सभी को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की आवश्यकता है।
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