ख्वाजा आसिफ का विवादित बयान: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वैश्विक मंचों पर मिलने वाले अंतरराष्ट्रीय सम्मानों और सर्वोच्च नागरिक पुरस्कारों को लेकर पड़ोसी देश पाकिस्तान की बौखलाहट एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने पीएम मोदी के सम्मान पर तंज कसते हुए एक बेहद विवादित बयान दिया है। जब भारत ने उनके इस बयान पर तीखा पलटवार किया, तो पूरी तरह बौखलाए पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ने भारत के आंतरिक राजनीतिक मामलों का सहारा लेते हुए कहा कि ‘राहुल गांधी ने भी’ प्रधानमंत्री मोदी की विदेश नीतियों और पुरस्कारों पर पहले सवाल उठाए हैं। इस बयान के बाद न केवल भारत, बल्कि अब अफगानिस्तान ने भी पाकिस्तानी रक्षा मंत्री को उनके इतिहास की याद दिलाते हुए कड़ी फटकार लगाई है।
पीएम मोदी के सम्मान पर ख्वाजा आसिफ का तंज, भारत का करारा पलटवार
यह पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब प्रधानमंत्री मोदी को हाल ही में मिले एक और अंतरराष्ट्रीय नागरिक सम्मान पर पाकिस्तानी मीडिया ने रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ से प्रतिक्रिया मांगी।
पाकिस्तान ने क्या कहा?
अपनी पुरानी आदत के अनुसार, ख्वाजा आसिफ ने प्रधानमंत्री मोदी को मिलने वाले पुरस्कारों को वैश्विक राजनीति का एक ‘दिखावा’ करार दिया। उन्होंने जहर उगलते हुए दावा किया कि इन पुरस्कारों से जमीनी हकीकत नहीं बदलती और भारत वैश्विक मंचों पर केवल अपनी छवि चमकाने का प्रयास कर रहा है। पाकिस्तान की यह प्रतिक्रिया साफ दर्शाती है कि वह भारत की बढ़ती वैश्विक साख और मजबूत कूटनीति को पचा नहीं पा रहा है।
भारत ने क्या जवाब दिया?
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री के इस अनर्गल प्रलाप पर भारत के विदेश मंत्रालय ने बेहद सख्त और करारा जवाब दिया। भारतीय राजनयिकों ने दो टूक शब्दों में पलटवार करते हुए कहा कि पाकिस्तानी नेतृत्व पूरी तरह से “मानसिक तौर पर कमजोर और दिवालिया” हो चुका है। भारत ने कहा कि जो देश खुद वैश्विक मंचों पर कर्ज के लिए कटोरा लेकर घूम रहा हो, उसे विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के प्रधानमंत्री को मिलने वाले सम्मानों पर टिप्पणी करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
भारत की प्रतिक्रिया से भड़के ख्वाजा आसिफ: दिया राहुल गांधी का हवाला
भारतीय विदेश मंत्रालय के इस कड़े रुख और तीखे पलटवार से पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ बुरी तरह बिलबिला उठे। अपनी नाकामी को छिपाने के लिए उन्होंने भारत के आंतरिक लोकतंत्र का सहारा लेने की नाकाम कोशिश की।
ख्वाजा आसिफ ने क्या दिया तर्क?
बौखलाहट में ख्वाजा आसिफ ने भारतीय मीडिया की खबरों का हवाला देते हुए बयान दिया कि, “मैं अकेला नहीं हूँ जो इन पुरस्कारों पर सवाल उठा रहा हूँ, भारत के भीतर विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी समय-समय पर सरकार की नीतियों और इन अंतरराष्ट्रीय दौरों के औचित्य पर प्रश्नचिह्न लगाए हैं।” पाकिस्तानी मंत्री द्वारा भारतीय नेताओं के बयानों को तोड़-मरोड़ कर पेश करने की इस हरकत को विशेषज्ञों ने एक बेहद घटिया कूटनीतिक चाल बताया है।
अफगानिस्तान ने भी लगाई पाकिस्तानी रक्षा मंत्री को फटकार: कहा ‘मानसिक बीमार’
पाकिस्तानी रक्षा मंत्री की इस बदजुबानी पर केवल भारत ही नहीं, बल्कि अब उनके पड़ोसी देश अफगानिस्तान ने भी उन्हें आड़े हाथों लिया है। अफगानिस्तान के एक वरिष्ठ मंत्री ने ख्वाजा आसिफ को नसीहत देते हुए उनके देश के इतिहास का आईना दिखाया।
अफगानी मंत्री की तीखी नसीहत
अफगानिस्तान के कार्यवाहक सरकार के मंत्री ने सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी रक्षा मंत्री को टैग करते हुए लिखा, “ख्वाजा आसिफ मानसिक रूप से बीमार हो चुके हैं। दूसरों पर टिप्पणी करने से पहले वह भारत और अफगानिस्तान के खिलाफ पाकिस्तान का अपना पुराना और दागदार इतिहास देख लें।” अफगानी मंत्री ने साफ शब्दों में कहा कि पाकिस्तान ने हमेशा अपने पड़ोसियों के मामलों में हस्तक्षेप किया है और आतंकवाद को बढ़ावा दिया है, जिसके कारण आज वह खुद विनाश की कगार पर खड़ा है।
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पाकिस्तानी रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने राहुल गांधी का नाम क्यों लिया?
भारत के कड़े पलटवार से बौखलाए ख्वाजा आसिफ ने अपने बयान को सही ठहराने और भारत को घेरने के लिए भारतीय राजनीति के आंतरिक बयानों का सहारा लेने का असफल प्रयास किया।
अफगानिस्तान ने पाकिस्तान के रक्षा मंत्री को क्या नसीहत दी?
अफगानी मंत्री ने ख्वाजा आसिफ को ‘मानसिक बीमार’ बताते हुए कहा कि उन्हें दूसरों पर उंगली उठाने से पहले भारत और अफगानिस्तान के खिलाफ पाकिस्तान के विश्वासघाती इतिहास को देखना चाहिए।
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