E20 पेट्रोल पर बढ़ा विवाद, डीलर्स और जनता ने सरकार से की दोबारा विचार करने की अपील, जानें क्या है पूरा मामला!

E20 पेट्रोल पर बढ़ा विवाद: मनीष कश्यप के वीडियो के बाद खड़ा हुआ हंगामा। जानिए गाड़ियों के इंजन, माइलेज और ऑटो कंपनियों के दावों की पूरी सच्चाई।
E20 पेट्रोल पर बढ़ा विवाद, डीलर्स और जनता ने सरकार से की दोबारा विचार करने की अपील, जानें क्या है पूरा मामला! फोटो क्रेडिट: anand mahindra
E20 पेट्रोल पर बढ़ा विवाद, डीलर्स और जनता ने सरकार से की दोबारा विचार करने की अपील, जानें क्या है पूरा मामला! फोटो क्रेडिट: anand mahindra

E20 पेट्रोल पर विवाद: भारत सरकार द्वारा पेट्रोल में २०% इथेनॉल मिलाने की नीति (E20 फ्यूल) पर देश भर में विवाद गहराता जा रहा है। हाल ही में प्रसिद्ध यूट्यूबर मनीष कश्यप के एक वीडियो ने इस मुद्दे पर सोशल मीडिया से लेकर सड़क तक हंगामा मचा दिया है। वीडियो में दावा किया गया है कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से गाड़ियों के इंजन समय से पहले खराब हो रहे हैं और उनका माइलेज भी कम हो रहा है। इस वीडियो के वायरल होने के बाद पेट्रोल पंप डीलर्स एसोसिएशन और आम वाहन मालिकों ने सरकार से इस नीति पर दोबारा विचार करने की अपील की है। आइए जानते हैं कि इस पूरे विवाद के पीछे की सच्चाई क्या है।

लोगों की शिकायतें बढ़ रही हैं: खराब हो रही गाड़ियां और पेट्रोल पंपों पर आरोप

जैसे-जैसे देश के अधिकांश हिस्सों में E20 ईंधन का रोलआउट बढ़ रहा है, वैसे-वैसे वाहन चालकों की तरफ से गाड़ी के माइलेज और मेंटेनेंस पर असर पड़ने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं।

पेट्रोल पंपों पर लग रहे हैं गंभीर आरोप

आम जनता का आरोप है कि पेट्रोल पंपों पर मिल रहे ईंधन में इथेनॉल की मात्रा तय सीमा से अधिक है, जिसके कारण गाड़ियों के फ्यूल पंप और इंजन में जंग (Rusting) लग रही है। हालांकि, डीलर्स का कहना है कि वे केवल तेल कंपनियों द्वारा सप्लाई किया गया ईधन ही बेच रहे हैं।

खराब हो रही गाड़ियां और माइलेज में गिरावट

कई वाहन मालिकों का दावा है कि E20 पेट्रोल डालने के बाद उनकी गाड़ियों का माइलेज १० से १५% तक गिर गया है। इसके अलावा, पुरानी गाड़ियों के इंजन में लगे रबर के पार्ट्स और पाइप इस फ्यूल के कारण गल रहे हैं, जिससे मेंटेनेंस का खर्च अचानक बढ़ गया है।

E20 कंप्लायंस और कंपैटिबिलिटी: महिंद्रा और टोयोटा का आया जवाब

इस बड़े विवाद के बीच देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनियों ने भी अपनी स्थिति स्पष्ट की है, लेकिन कंपनियों और एक्सपर्ट्स की अलग राय देखने को मिल रही है।

टोयोटा और महिंद्रा का आधिकारिक जवाब

महिंद्रा एंड महिंद्रा और टोयोटा जैसी बड़ी कंपनियों ने साफ किया है कि अप्रैल २०२३ के बाद निर्मित उनके सभी नए वाहन पूरी तरह से E20 कंप्लायंट (E20 Compliant) हैं। कंपनियों का दावा है कि नए इंजनों को इथेनॉल मिक्स पेट्रोल के हिसाब से ही डिजाइन किया गया है, इसलिए इनमें खराबी आने का कोई तकनीकी कारण नहीं है।

पुरानी गाड़ियों पर रोलआउट को लेकर जनता की राय अलग

कंपनियों के दावों के बावजूद आम जनता की राय अलग है। भारत में करोड़ों लोग अभी भी २०२३ से पहले की बीएस-४ (BS4) या पुरानी बीएस-६ (BS6) गाड़ियां चला रहे हैं, जो E20 फ्यूल के लिए कंपैटिबल (Compatible) नहीं हैं। लोगों का कहना है कि सरकार को पेट्रोल पंपों पर सामान्य पेट्रोल (E10) का विकल्प भी बनाए रखना चाहिए था।

सरकार का इथेनॉल पर जोर: आखिर क्यों जरूरी है यह मिलावट?

‘हंगामा है क्यों बरपा, थोड़ी ही तो मिलावट की है…’ वाली तर्ज पर सरकार का इस नीति को लेकर अपना एक अलग और मजबूत तर्क है।

  • कच्चे तेल के आयात में कमी: भारत अपनी जरूरत का ८०% से अधिक कच्चा तेल विदेशों से खरीदता है। पेट्रोल में २०% इथेनॉल मिलाने से देश के हजारों करोड़ रुपये की विदेशी मुद्रा की बचत होगी।
  • किसानों को सीधा फायदा: इथेनॉल का उत्पादन मुख्य रूप से गन्ने के रस और खराब अनाज से होता है। इससे देश के किसानों को एक नया बाजार और बेहतर आमदनी का जरिया मिल रहा है।
  • पर्यावरण को लाभ: शुद्ध पेट्रोल की तुलना में इथेनॉल मिश्रित ईंधन कम कार्बन उत्सर्जन करता है, जिससे प्रदूषण कम करने में मदद मिलती है।

यह भी पढ़े

क्या E20 पेट्रोल से सचमुच गाड़ियां खराब हो रही हैं?

२०२३ के बाद बनी नई गाड़ियों के इंजन को E20 के अनुकूल ही बनाया गया है, इसलिए उनमें खराबी नहीं आनी चाहिए। हालांकि, २०२३ से पहले की पुरानी गाड़ियों के पार्ट्स पर इथेनॉल के कारण विपरीत असर पड़ सकता है।

मनीष कश्यप के वीडियो में क्या दावा किया गया है?

वीडियो में दिखाया गया है कि E20 पेट्रोल के इस्तेमाल से बाइक और कारों के इंजन समय से पहले जवाब दे रहे हैं और ग्राहकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है, जिसके बाद यह विवाद और बढ़ गया।

अगर मेरी गाड़ी पुरानी है तो मुझे क्या करना चाहिए?

पुरानी गाड़ी के मालिकों को सलाह दी जाती है कि वे ईंधन टैंक में पानी की एक बूंद भी न जाने दें, क्योंकि इथेनॉल पानी को बहुत तेजी से सोखता है, जिससे इंजन के अंदर जंग लगने का खतरा बढ़ जाता है।


Discover more from वैंटेज पोस्ट IN

Subscribe to get the latest posts sent to your email.

Discover more from वैंटेज पोस्ट IN

Subscribe now to keep reading and get access to the full archive.

Continue reading