पीएम मोदी का इंडोनेशिया दौरा: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस समय इंडोनेशिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलेंड के त्रिपक्षीय देशों के आधिकारिक दौरे पर हैं। अपनी इस यात्रा के प्रथम चरण में प्रधानमंत्री मोदी इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता पहुंचे, जहाँ हवाई अड्डे पर इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने चार वरिष्ठ मंत्रियों के साथ स्वयं आकर उनका भव्य स्वागत किया। वर्ष २०१८ में भारत और इंडोनेशिया के संबंधों को ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ (Comprehensive Strategic Partnership) के स्तर पर ले जाने के बाद यह प्रधानमंत्री मोदी की पहली द्विपक्षीय इंडोनेशिया यात्रा है। इस ऐतिहासिक बैठक के दौरान दोनों देशों के बीच रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीक समेत विभिन्न क्षेत्रों में कुल २० महत्वपूर्ण सहमति पत्रों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।
रक्षा क्षेत्र में महाडील: भारत से ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइल खरीदेगा इंडोनेशिया
इस यात्रा का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण आकर्षण भारत और इंडोनेशिया के बीच रक्षा उद्योग में हुआ ऐतिहासिक समझौता है। भारत की ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ नीति को वैश्विक स्तर पर एक बहुत बड़ी सफलता मिली है।
ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली पर सहमति
भारत और इंडोनेशिया ने सुपरसोनिक क्रूज मिसाइल ‘ब्रह्मोस’ (BrahMos) की आपूर्ति को लेकर एक बड़े समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। यह सौदा न केवल भारतीय रक्षा निर्यात को बढ़ावा देगा, बल्कि हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में दोनों देशों की सामरिक स्थिति को भी बेहद मजबूत करेगा।
हवा से हवा में मार करने वाली ‘अस्त्र’ मिसाइल की डील
ब्रह्मोस के साथ-साथ दोनों देशों के बीच अत्याधुनिक ‘अस्त्र’ (ASTRA) हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल प्रणाली की आपूर्ति और रक्षा तकनीक हस्तांतरण (Technology Transfer) को लेकर भी समझौता हुआ है। इसके अतिरिक्त, भारत की राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (NDA) और डिफेंस सर्विसेज स्टाफ कॉलेज (DSSC) में इंडोनेशियाई कैडेटों और सैन्य अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण स्लॉट भी आवंटित किए जाएंगे।
शिक्षा और स्वास्थ्य में बड़े निर्णय: इंडोनेशिया में खुलेगा आईआईएम बंगलूरू का कैंपस
द्विपक्षीय वार्ता के दौरान केवल रक्षा ही नहीं, बल्कि शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे महत्वपूर्ण सामाजिक क्षेत्रों पर भी विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।
इंडोनेशिया में कहाँ खुलेगा आईआईएम बंगलूरू का कैंपस?
भारत की शैक्षणिक उत्कृष्टता को वैश्विक पटल पर प्रदर्शित करते हुए यह निर्णय लिया गया है कि भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) बंगलूरू अपना एक विदेशी शाखा परिसर (Branch Campus) इंडोनेशिया के ‘सिंघासारी विशेष आर्थिक क्षेत्र’ (Singhasari SEZ) में स्थापित करेगा। यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत को एक ‘ज्ञान केंद्र’ (Knowledge Hub) के रूप में स्थापित करने की दिशा में बड़ा कदम है।
स्वास्थ्य क्षेत्र में क्या-क्या समझौते हुए?
इंडोनेशिया के ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं को सुदृढ़ करने के लिए भारत की ‘जन औषधि योजना’ की तर्ज पर एक थोक आपूर्ति ढांचा (Bulk Supply Framework) तैयार किया जा रहा है। इसके अंतर्गत भारत इंडोनेशिया को उच्च गुणवत्ता वाली और सस्ती जेनेरिक दवाएं तथा चिकित्सा उत्पाद उपलब्ध कराएगा।
डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों को कैसे मिलेगा फायदा?
दोनों देशों के बीच हस्ताक्षरित ‘स्वास्थ्य कार्यबल सहयोग’ समझौते के तहत चिकित्सा पेशेवरों के लिए फेलोशिप कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इससे योग्य भारतीय और इंडोनेशियाई डॉक्टरों तथा स्वास्थ्यकर्मियों को एक-दूसरे के देशों में काम करने, नैदानिक प्रशिक्षण (Clinical Training) प्राप्त करने और अनुभवों को साझा करने का बेहतरीन अवसर प्राप्त होगा।
प्रधानमंत्री मोदी को मिला इंडोनेशिया का सर्वोच्च नागरिक सम्मान
इस ऐतिहासिक यात्रा के दौरान भारत-इंडोनेशिया संबंधों की प्रगाढ़ता को दर्शाते हुए इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान ‘बितांग आदिपूर्ण’ (Bintang Adipurna / Medal of Honour) से विभूषित किया। यह सम्मान उन असाधारण वैश्विक नेताओं को दिया जाता है जिन्होंने राष्ट्र की निरंतरता, एकता और समृद्धि में ऐतिहासिक योगदान दिया हो। इस सम्मान को ग्रहण करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने इसे ‘करोड़ों भारतीयों’ और दोनों देशों के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक संबंधों को समर्पित किया।
आसियान (ASEAN) और समुद्री सुरक्षा पर चर्चा
इंडोनेशिया दक्षिण-पूर्वी एशियाई राष्ट्रों के संगठन ‘आसियान’ (ASEAN) का एक अत्यंत प्रभावशाली सदस्य है। दोनों नेताओं ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा और नौवहन की स्वतंत्रता (Freedom of Navigation) को बनाए रखने के लिए सूचना संलयन केंद्र – हिंद महासागर क्षेत्र (IFC-IOR) में एक इंडोनेशियाई संपर्क अधिकारी (Liaison Officer) को तैनात करने का भी निर्णय लिया है, जिससे समुद्री सुरक्षा की रीयल-टाइम निगरानी बेहतर हो सकेगी।
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पीएम मोदी का इंडोनेशिया दौरा क्यों महत्वपूर्ण है?
यह दौरा रक्षा क्षेत्र में ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइल सौदों, शिक्षा क्षेत्र में आईआईएम बंगलूरू का विदेशी कैंपस खोलने और भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति को मजबूत करने के दृष्टिकोण से अत्यंत ऐतिहासिक है।
इंडोनेशिया में खुलने वाले आईआईएम बंगलूरू परिसर से क्या लाभ होगा?
इससे भारत और इंडोनेशिया के बीच शैक्षिक और बौद्धिक आदान-प्रदान बढ़ेगा और इंडोनेशियाई छात्रों को भारत के शीर्ष प्रबंधन संस्थान की उच्च स्तरीय शिक्षा अपने ही देश में प्राप्त हो सकेगी।
क्या इंडोनेशिया भारत से और भी रक्षा उपकरण खरीदने की योजना बना रहा है?
हाँ, ब्रह्मोस और अस्त्र मिसाइलों के अतिरिक्त दोनों देश रक्षा औद्योगिक सहयोग, संयुक्त अनुसंधान (Joint Research) और अंतरिक्ष क्षेत्र (Space Sector) में भी तकनीकी साझेदारी बढ़ा रहे हैं।
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