राष्ट्रीय मौसम डेस्क:
देश के कई हिस्सों में उमस भरी गर्मी से परेशान लोगों के लिए राहत और चिंता दोनों की बड़ी खबर सामने आ रही है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपनी नवीनतम प्रेस विज्ञप्ति में देश के कई राज्यों में अगले सात दिनों के लिए मौसम का बड़ा अलर्ट जारी किया है। बंगाल की खाड़ी में एक मजबूत मौसमी प्रणाली सक्रिय हो गई है, जिसका सीधा असर देश के मध्य, पूर्वी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में देखने को मिलेगा।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस मौसमी बदलाव के चलते देश के एक बड़े हिस्से में भारी से अत्यंत भारी बारिश होने की प्रबल संभावना बन गई है। यदि आप भी मानसून की गतिविधियों और अपने क्षेत्र के मौसम के बारे में सटीक जानकारी चाहते हैं, तो इस विस्तृत रिपोर्ट को अंत तक अवश्य पढ़ें।
बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र (Low Pressure Area)
मौसम विभाग द्वारा जारी आधिकारिक बुलेटिन के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा तथा पश्चिम बंगाल के तटीय इलाकों के ऊपर कम दबाव का एक क्षेत्र (Low Pressure Area) बन चुका है। यह मौसमी प्रणाली समुद्र तल पर चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) के प्रभाव से विकसित हुई है।
मौसम विज्ञानियों का अनुमान है कि यह प्रणाली अगले दो दिनों के दौरान और अधिक मजबूत होकर उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगी। इसके प्रभाव से पूरे गंगीय पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड और बिहार के इलाकों में बादलों का डेरा रहेगा और भारी वर्षा की गतिविधियां काफी तेज हो जाएंगी।
अगले 7 दिनों के दौरान इन राज्यों में होगी भारी से अत्यंत भारी वर्षा
मौसम विभाग ने देश के अलग-अलग हिस्सों के लिए अलग-अलग चेतावनियां जारी की हैं। अगले सात दिनों के दौरान किन राज्यों में कैसी स्थिति रहेगी, उसका राज्यवार विवरण नीचे दिया गया है:
1. ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भारी बारिश का अलर्ट
बंगाल की खाड़ी से सबसे नजदीक होने के कारण ओडिशा और गंगीय पश्चिम बंगाल इस मौसमी प्रणाली से सबसे अधिक प्रभावित होने जा रहे हैं। ओडिशा के कई जिलों में 15 जुलाई से लेकर 18 जुलाई के बीच अत्यंत भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है। वहीं, पश्चिम बंगाल के दक्षिणी जिलों (जैसे पूर्व व पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम और 24 परगना) में भारी बारिश के साथ-साथ गरज-चमक और वज्रपात (बिजली गिरने) की भी चेतावनी जारी की गई है।
2. बिहार, झारखंड और उत्तर प्रदेश का मौसम
- झारखंड: राज्य के कई हिस्सों में 15 से 19 जुलाई के दौरान तेज आंधी-तूफान, बिजली गिरने और 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। इस दौरान कुछ स्थानों पर भारी वर्षा भी दर्ज की जाएगी।
- बिहार: बिहार के अधिकांश इलाकों में 17 से 20 जुलाई के बीच भारी बारिश होने की संभावना है।
- उत्तर प्रदेश: पूर्वी उत्तर प्रदेश में 15 से 17 जुलाई के दौरान और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 15 से 20 जुलाई के बीच गरज-चमक के साथ बारिश की गतिविधियां देखने को मिलेंगी।
3. पूर्वोत्तर भारत और हिमालयी क्षेत्र
अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा जैसे पूर्वोत्तर राज्यों में अगले पांच से सात दिनों तक मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहेगा। विशेष रूप से अरुणाचल प्रदेश और असम में कुछ जगहों पर बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है, जिससे नदी जल स्तर में वृद्धि हो सकती है।
दिल्ली-एनसीआर में कब होगी झमाझम बारिश?
देश की राजधानी दिल्ली और उसके आस-पास के क्षेत्रों (नोएडा, गाजियाबाद, फरीदाबाद, गुरुग्राम) में इस समय उमस और चिपचिपी गर्मी का प्रकोप बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार, दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और पंजाब के मैदानी इलाकों में अगले पांच दिनों तक बारिश की गतिविधियां काफी कम या छिटपुट रहने की संभावना है।
हालांकि, 15 से 18 जुलाई के बीच दिल्ली और पंजाब के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की बौछारें पड़ने की उम्मीद जरूर है, जिससे तापमान में मामूली गिरावट आ सकती है। लेकिन इस दौरान उमस भरी गर्मी से पूरी तरह राहत मिलने के आसार कम ही हैं।
मछुआरों और आम जनता के लिए मौसम विभाग की जरूरी सलाह
मौसम के बिगड़ते मिजाज को देखते हुए मौसम विभाग ने प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों और विशेष रूप से तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए कुछ महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए हैं:
- समुद्र में न जाने की सलाह: पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटीय इलाकों में 15 से 18 जुलाई के दौरान 35 से 45 किलोमीटर प्रति घंटे (झोंकों के साथ 55 किमी/घंटा) की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। इसलिए मछुआरों को सलाह दी गई है कि वे इस अवधि के दौरान गहरे समुद्र में न जाएं।
- बिजली गिरने से बचाव: आंधी-तूफान या तेज बारिश के समय लोग पेड़ों, बिजली के खंभों या कच्चे ढांचों के नीचे शरण लेने से बचें। सुरक्षित कंक्रीट की इमारतों के भीतर ही रहें।
- जलजमाव और यातायात: शहरी और निचले इलाकों में भारी बारिश के कारण जलजमाव (Waterlogging) हो सकता है, जिससे यातायात प्रभावित होने की आशंका है। यात्रा पर निकलने से पहले मौसम की ताजा स्थिति जरूर जांच लें।
अक्सर पूछे जाने वाले सामान्य सवाल (FAQs)
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बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र का क्या प्रभाव होगा?
इसके प्रभाव से अगले सात दिनों के दौरान ओडिशा, पश्चिम बंगाल, झारखंड, बिहार और उत्तर प्रदेश समेत पूर्वी व उत्तर-पूर्वी भारत में भारी से अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है।
दिल्ली और उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में भारी बारिश कब होगी?
मौसम विभाग के अनुसार, अगले पांच दिनों तक दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा के मैदानी इलाकों में बारिश की गतिविधियां काफी कम (सीमित) रहेंगी। हालांकि, कुछ स्थानों पर हल्की बौछारें पड़ सकती हैं।
क्या तटीय इलाकों के लिए कोई विशेष चेतावनी है?
हाँ, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटीय क्षेत्रों में तेज हवाएं चलने की चेतावनी है। मछुआरों को 18 जुलाई तक समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है।
पूर्वोत्तर भारत में मौसम की स्थिति कैसी रहेगी?
असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश सहित अधिकांश पूर्वोत्तर राज्यों में अगले सात दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है।
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