अंकिता भंडारी हत्याकांड में नया मोड़: न्याय की आस में दिल्ली की सड़कों पर उतरे माता-पिता, सरकार को दी बड़ी चेतावनी
मुख्य बिंदु
उत्तराखंड का बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड एक बार फिर से देश की सुर्खियों में आ गया है। इस मामले में न्याय की मांग को लेकर मृतका के माता-पिता ने राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के इंडिया गेट पर जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा रोके जाने और हिरासत में लिए जाने के बाद परिवार का आक्रोश और अधिक बढ़ गया है।
क्या है पूरा मामला और क्यों गरमाई सियासत?
यह पूरा घटनाक्रम हाल ही में एक राजनीतिक नियुक्ति और मामले के अनछुए पहलुओं को लेकर फिर से चर्चा में आया है। अंकिता के परिवार और विभिन्न संगठनों का लगातार यह आरोप है कि इस हत्याकांड से जुड़े ‘VIP’ चेहरों की भूमिका की जांच अभी तक पूरी तरह से सामने नहीं आ सकी है। परिवार का साफ कहना है कि जब तक इस मामले की तह तक जाकर पूरी सच्चाई देश के सामने नहीं आती, तब तक दोषियों और इस प्रकरण से जुड़े अनसुने पहलुओं पर पर्दा डालना न्याय के साथ अन्याय होगा। इसी का विरोध जताने के लिए माता-पिता ने दिल्ली का रुख किया था।
पिता की दो टूक: अगर न्याय नहीं मिला तो होगा बड़ा जन-आंदोलन
दिल्ली के इंडिया गेट पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई के बाद अंकिता के पिता वीरेंद्र सिंह भंडारी का गुस्सा फूट पड़ा। उन्होंने सरकार को बेहद कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उनकी बेटी को इस मामले में पूर्ण और वास्तविक इंसाफ नहीं मिला, तो केवल उत्तराखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश में बड़ा जन-आंदोलन खड़ा किया जाएगा। परिवार का कहना है कि वे अपनी बेटी को न्याय दिलाने के लिए आखिरी दम तक कानूनी और सामाजिक लड़ाई लड़ते रहेंगे।
मामले की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि ऋषिकेश के पास वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता भंडारी की सितंबर 2022 में हत्या कर दी गई थी। इस मामले में मुख्य आरोपियों को अदालत द्वारा सजा सुनाई जा चुकी है, लेकिन परिवार और न्याय के पैरोकारों का मानना है कि इस जघन्य अपराध के पीछे कई और गहरे राज दबे हुए हैं, जिनकी निष्पक्ष और गहरी जांच बेहद जरूरी है।
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