राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम 2031 तक विस्तारित: पेंशन योजनाओं के बदले गए नाम और दिव्यांगों के लिए बड़े बदलाव
मुख्य बिंदु
केंद्र सरकार ने सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP) को अगले पांच वर्षों यानी वित्त वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। इस कार्यक्रम के तहत केंद्रीय मंत्रिमंडल ने कई महत्वपूर्ण बदलावों को हरी झंडी दिखाई है, जिसमें प्रमुख पेंशन योजनाओं के नाम बदलने से लेकर दिव्यांगजनों के लिए पात्रता नियमों को सरल बनाना शामिल है।
योजनाओं के बदले गए नाम
सरकार ने राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम और इसके तहत चल रही प्रमुख उप-योजनाओं के नामों में संशोधन किया है:
- राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम (NSAP): इस कार्यक्रम का नया नाम अब ‘प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना’ कर दिया गया है।
- वृद्धावस्था और विधवा पेंशन: इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना का नाम बदलकर ‘प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना’ और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना का नाम ‘प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना’ कर दिया गया है।
- दिव्यांगजन और परिवार लाभ योजना: इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांगता पेंशन योजना अब ‘प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना’ तथा राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना ‘प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना’ के नाम से जानी जाएगी।
दिव्यांगजन पेंशन के नियमों में बड़े बदलाव
कैबिनेट के इन नए फैसलों से देश के लाखों दिव्यांग नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है:
- बेंचमार्क दिव्यांगता सीमा में ढील: योजना के तहत पात्रता के लिए बेंचमार्क दिव्यांगता के मानदंड को 80 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत कर दिया गया है।
- न्यूनतम आयु सीमा की शर्त समाप्त: दिव्यांग पेंशन के लिए न्यूनतम आयु मानदंड अब जन्म से होगा, जिससे अधिक से अधिक पात्र लोग इस दायरे में आ सकेंगे।
- सहायता राशि: नए प्रावधानों के तहत 0 से 79 वर्ष की आयु के लाभार्थियों को 375 रुपये प्रति माह और 80 वर्ष या उससे अधिक आयु के लाभार्थियों को 625 रुपये प्रति माह की वित्तीय सहायता दी जाएगी।
सरकार के इस कदम से देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लगभग 3.20 करोड़ लाभार्थियों को सीधा फायदा पहुंचेगा। वृद्धजनों और विधवाओं के लिए चलाई जा रही अन्य पेंशन योजनाएं अपने मौजूदा स्वरूप में ही जारी रहेंगी।
