इंटरनेशनल डेस्क:
पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में एक बार फिर युद्ध की आहट तेज हो गई है। अमेरिकी लड़ाकू विमानों द्वारा ईरान की राजधानी तेहरान की घेराबंदी करने और हवाई क्षेत्र में संदिग्ध सैन्य गतिविधियों के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना के इस कदम ने ईरान को पूरी तरह दहला दिया है, वहीं दूसरी तरफ अमेरिका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक चौंकाने वाले बयान ने इस पूरे विवाद को एक नया मोड़ दे दिया है।
ताजा सैन्य हलचल और राजनीतिक बयानबाजी के बाद दुनिया भर के रक्षा विशेषज्ञ इस बात को लेकर चिंतित हैं कि क्या दोनों देशों के बीच लंबे समय से चला आ रहा कोल्ड वॉर अब सीधे सैन्य टकराव में बदलने जा रहा है।
तेहरान के आसमान में गरजे अमेरिकी लड़ाकू विमान, हाई अलर्ट पर एयर डिफेंस
सार्वजनिक फ्लाइट ट्रैकिंग वेबसाइटों और रक्षा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ईरान की राजधानी तेहरान के आसपास अमेरिकी वायुसेना की भारी सक्रियता देखी गई है।
आसमान में अमेरिकी सैन्य विमानों का जमावड़ा
- हवा में ईंधन भरने वाले विमान: ईरान के हवाई क्षेत्र के पास अमेरिकी सेना के तीन KC-135 और KC-46A टैंकर विमानों को उड़ान भरते देखा गया है। ये विमान लड़ाकू विमानों को हवा में ही ईंधन (Refueling) उपलब्ध कराने का काम करते हैं।
- हवाई निगरानी और चेतावनी: अमेरिकी सेना ने आसमान से निगरानी करने और किसी भी संभावित खतरे की शुरुआती चेतावनी देने के लिए एक E-3 AWACS विमान भी तैनात किया है।
- सक्रिय हुआ ईरान का एयर डिफेंस: अमेरिकी विमानों की इस आक्रामक गतिविधि को देखते हुए ईरान की राजधानी तेहरान और उसके आसपास के सैन्य बेस पर एयर डिफेंस सिस्टम को पूरी तरह सक्रिय और हाई अलर्ट पर रख दिया गया है।
बोरुजर्ड शहर के पास हुए धमाके
हवाई घेराबंदी के बीच ईरान के बोरुजर्ड शहर के पास तेज धमाकों की आवाजें सुनाई देने की भी खबरें हैं। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि ये धमाके अमेरिकी सैन्य कार्रवाई का हिस्सा हैं या फिर किसी तकनीकी परीक्षण या अन्य कारण से हुए हैं। ईरानी सेना ने फिलहाल इन धमाकों को लेकर आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।
“ईरान ने बहुत अच्छा काम किया…” ट्रंप ने की तारीफ, पर साथ ही दी कड़ी चेतावनी
एक तरफ जहां अमेरिकी सेना ईरान पर शिकंजा कस रही है, वहीं दूसरी तरफ डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान को लेकर एक बेहद अप्रत्याशित और नरम बयान दिया है।
अमेरिकी नागरिक की रिहाई पर की तारीफ
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान द्वारा उठाए गए एक मानवीय कदम की सराहना की है। ट्रंप ने बताया कि दिसंबर 2024 में हिरासत में लिए गए एक अमेरिकी नागरिक को ईरान ने सकुशल रिहा कर दिया है। ट्रंप ने इस कदम की सराहना करते हुए कहा कि रिहा किया गया अमेरिकी नागरिक अब पूरी तरह सुरक्षित है और उसका स्वास्थ्य भी ठीक है। उन्होंने ईरान के इस ‘गुडविल जेस्चर’ (सद्भावना संकेत) की तारीफ की।
चेतावनी भी है बरकरार
भले ही ट्रंप ने इस विशेष कदम की सराहना की हो, लेकिन उन्होंने पहले भी साफ तौर पर चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने अमेरिकी हितों या उसके सहयोगियों को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की, तो उसे इसके बेहद गंभीर नतीजे भुगतने होंगे।
परमाणु ठिकानों पर हमले का खतरा! क्या टूटेगा शांति समझौता?
दोनों देशों के बीच पिछले एक महीने से शांति स्थापित करने के लिए एक द्विपक्षीय समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करने की कोशिशें चल रही थीं, लेकिन जमीनी हकीकत इस समझौते के बिल्कुल विपरीत नजर आ रही है।
- परमाणु ठिकानों के पास सैन्य गतिविधि: सूत्रों के अनुसार, अमेरिका की नजर ईरान के उन प्रमुख ठिकानों पर है जहां उनके परमाणु कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। अमेरिकी विमानों की इस ताजा घेराबंदी को उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
- हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर संकट: मिडल ईस्ट में युद्ध की स्थिति बनने पर हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पर संकट मंडराने लगा है। पिछले कुछ दिनों में इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।
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अमेरिका और ईरान के बीच ताजा विवाद की मुख्य वजह क्या है?
अमेरिकी वायुसेना के लड़ाकू और सहायक विमानों द्वारा ईरान की राजधानी तेहरान के हवाई क्षेत्र की घेराबंदी करने और ईरान के बोरुजर्ड शहर के पास संदिग्ध धमाके होने के कारण दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है।
अमेरिकी विमानों ने तेहरान के पास किस तरह की गतिविधि की है?
तेहरान के आसमान में अमेरिका के लड़ाकू विमानों के साथ-साथ हवा में ईंधन भरने वाले तीन KC-135 और KC-46A विमान और एक निगरानी करने वाला E-3 AWACS विमान देखा गया है, जिसके बाद ईरान ने अपना एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिया है।
डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की तारीफ क्यों की है?
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान द्वारा हिरासत में लिए गए एक अमेरिकी नागरिक को रिहा करने के फैसले की सराहना की है और इसे ईरान का एक अच्छा ‘गुडविल जेस्चर’ बताया है।
क्या इस तनाव के कारण कच्चे तेल के व्यापार पर कोई असर पड़ेगा?
हां, यदि तनाव और बढ़ता है तो हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के रास्ते होने वाले वैश्विक तेल व्यापार और जहाजों की आवाजाही पर गंभीर संकट खड़ा हो सकता है, जिससे दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं।
