Uttarakhand MBBS Admission Scam: फर्जी सर्टिफिकेट से एडमिशन लेने वालों पर बड़ा एक्शन, 19 सीटें रद्द

Uttarakhand MBBS Admission Scam: फर्जी सर्टिफिकेट के जरिए एडमिशन लेने वालों पर बड़ा एक्शन, अब तक 19 एमबीबीएस सीटें रद्द

उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा और मेडिकल एडमिशन प्रक्रिया (Uttarakhand NEET UG Counselling) से जुड़ी इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। राज्य में नीट यूजी काउंसलिंग के दौरान फर्जी दस्तावेजों और जाली प्रमाण पत्रों (Fake Certificates) के सहारे एमबीबीएस की सीटें हासिल करने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ प्रशासन और विश्वविद्यालय ने कड़ा शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। एचएनबी उत्तराखंड चिकित्सा शिक्षा विश्वविद्यालय (HNB Medical University) ने ताबड़तोड़ कार्रवाई करते हुए अब तक कुल 19 एमबीबीएस सीटें रद्द कर दी हैं।

आइए जानते हैं इस बड़े फर्जीवाड़े और ताजा कार्रवाई से जुड़ी हर महत्वपूर्ण बात:

1. फर्जी सर्टिफिकेट से मिली सीटें रद्द, आंकड़े बढ़कर पहुंचे 19 पर

  • दस्तावेजों की जांच में खुला पोल: राज्य के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में पहले और दूसरे चरण की काउंसलिंग के दौरान आरक्षण (SC/OBC/EWS) और स्वतंत्रता सेनानी आश्रित कोटे के दस्तावेजों की गहन जांच की गई। जांच के दौरान कई अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र फर्जी या संदिग्ध पाए गए।
  • किन कॉलेजों में हुईं सीटें रद्द? हल्द्वानी, श्रीनगर, हरिद्वार, अल्मोड़ा और दून मेडिकल कॉलेज समेत कई प्रमुख संस्थानों में फर्जीवाड़े के जरिए दाखिला लेने वाले छात्रों की सीटें निरस्त की जा चुकी हैं। इनमें से कई छात्र कॉलेज में पढ़ाई भी शुरू कर चुके थे।

2. एक ही प्रमाण पत्र नंबर पर दो नाम और नए खुलासे

  • दस्तावेजों में गड़बड़ी: हाल ही में जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि कुछ मामलों में एक ही प्रमाण पत्र संख्या पर अलग-अलग नाम और विवरण दर्ज मिले हैं, जिससे दाखिला प्रक्रिया में भारी हेराफेरी का अंदेशा गहरा गया है।
  • एसआईटी (SIT) जांच तेज: इस पूरे फर्जी रैकेट का पर्दाफाश करने और इसमें शामिल जालसाजों व बिचौलियों तक पहुँचने के लिए एसआईटी का गठन किया गया है। पुलिस ने इस मामले में अब तक कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा है।

3. आगे की काउंसलिंग और छात्रों के लिए निर्देश

  • खाली सीटें होंगी शामिल: विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि फर्जीवाड़े के कारण रद्द की गई इन सभी सीटों को आगामी चरणों (तीसरे और स्ट्रे वैकेंसी राउंड) की काउंसलिंग में पारदर्शी तरीके से योग्य और वास्तविक छात्रों के लिए शामिल किया जाएगा।
  • प्रशासन की सख्ती: शिक्षा विभाग और विश्वविद्यालय के अधिकारियों का कहना है कि काउंसलिंग प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के लिए सभी 778 से अधिक संदिग्ध दस्तावेजों का भौतिक सत्यापन (Physical Verification) जिला स्तर पर कराया जा रहा है।

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