NEET-PG & UG Counselling News: नीट-पीजी रिजल्ट में 258 अभ्यर्थी शून्य या माइनस नंबर पर फेल, इधर काउंसलिंग में सीट ब्लॉकिंग बनी बड़ी समस्या
मुख्य बिंदु
मेडिकल प्रवेश परीक्षाओं से जुड़ी दो बड़ी और अहम खबरें सामने आ रही हैं। एक तरफ जहां नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट पोस्टग्रेजुएट (NEET-PG) के नतीजों ने सबको चौंकाया है, वहीं दूसरी तरफ अंडरग्रेजुएट (NEET-UG) काउंसलिंग के तीसरे राउंड में सीट ब्लॉकिंग एक बड़ी समस्या बनकर उभरी है।
आइए जानते हैं शिक्षा जगत से जुड़ी इन दोनों बड़ी खबरों की पूरी डिटेल्स:
1. NEET-PG रिजल्ट: 258 अभ्यर्थी शून्य या माइनस नंबर से फेल
- 2.66 लाख ने दी थी परीक्षा: नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) द्वारा आयोजित NEET-PG परीक्षा के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। इस साल परीक्षा में कुल 2,65,960 उम्मीदवार शामिल हुए थे।
- शून्य या नकारात्मक अंक: चौंकाने वाली बात यह है कि परीक्षा में कुल 258 उम्मीदवार ऐसे रहे जिन्होंने या तो शून्य (0) अंक प्राप्त किए या फिर उनके नंबर माइनस (Negative) में आए। इसमें से 64 छात्रों को शून्य और 194 छात्रों को नेगेटिव मार्क्स मिले हैं।
- सबसे कम स्कोर: परीक्षा में सबसे कम स्कोर माइनस 59 (-59) दर्ज किया गया। हालांकि, इस बार क्वालीफाइंग कटऑफ पिछले 6 सालों में सबसे कम रही है।
2. NEET-UG काउंसलिंग: सीट ब्लॉकिंग बनी समस्या, 4500 से ज्यादा सीटें अलॉट
- राउंड 3 में सीटों का आवंटन: मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) की नीट-यूजी राउंड-3 काउंसलिंग के तहत कुल 4,687 एमबीबीएस और बीडीएस सीटें अलॉट की गई हैं।
- सीट ब्लॉकिंग से परेशानी: जानकारों के मुताबिक, काउंसलिंग प्रक्रिया में ‘सीट ब्लॉकिंग’ एक बड़ी समस्या बनी हुई है, जिसके कारण सीटें ब्लॉक होने से कटऑफ उम्मीद के मुताबिक नीचे नहीं गिर पा रही है।
- नियम और रिपोर्टिंग: जिन छात्रों को राउंड-3 में सीटें आवंटित हुई हैं, उन्हें 1 अक्टूबर से 9 अक्टूबर के बीच संबंधित कॉलेज में फिजिकली रिपोर्ट करना होगा। इस राउंड की सीट छोड़ने पर सुरक्षा राशि (Security Deposit) जब्त कर ली जाती है और छात्र आगे के स्ट्रे वैकेंसी राउंड के लिए अयोग्य हो जाते हैं।
