Delhi Jantar Mantar Protest & Security Advisory: राजधानी दिल्ली में जंतर-मंतर पर जारी छात्रों और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के उग्र प्रदर्शन के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। नीट (NEET-UG) परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक के विरोध में चल रहा यह आंदोलन अब संसद के मानसून सत्र के दौरान और भी आक्रामक रूप ले चुका है।
पर्यावरणविद और शिक्षा सुधारक सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां से उन्होंने अपना अनशन तोड़ने के लिए सरकार और सांसदों के सामने 3 प्रमुख शर्तें रखी हैं। वहीं, कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने लुटियंस दिल्ली के 16 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद कर दिया है।
🚇 DMRC Action: दिल्ली में 16 मेट्रो स्टेशन बंद, यात्रियों के लिए जारी हुई एडवाइजरी
संसद की सुरक्षा और जंतर-मंतर पर बढ़ती भीड़ को देखते हुए दिल्ली पुलिस के निर्देश पर DMRC ने सेंट्रल दिल्ली के 16 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों के प्रवेश और निकास पर पूरी तरह रोक लगा दी है।
बंद किए गए 16 मेट्रो स्टेशनों की सूची:
- राजीव चौक (Rajiv Chowk)
- केंद्रीय सचिवालय (Central Secretariat)
- पटेल चौक (Patel Chowk)
- जनपथ (Janpath)
- मंडी हाउस (Mandi House)
- लोक कल्याण मार्ग (Lok Kalyan Marg)
- आईटीओ (ITO)
- दिल्ली गेट (Delhi Gate)
- खान मार्केट (Khan Market)
- सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court)
- बाराखम्बा रोड (Barakhambha Road)
- आरके आश्रम मार्ग (Ramakrishna Ashram Marg)
- इंद्रप्रस्थ (Indraprastha)
- जोर बाग (Jor Bagh)
- शिवाजी स्टेडियम (Shivaji Stadium)
- सेवा तीर्थ (Seva Teerth)
- इंटरचेंज की सुविधा लागू: DMRC ने स्पष्ट किया है कि भले ही इन स्टेशनों के गेट बंद हैं, लेकिन राजीव चौक, केंद्रीय सचिवालय और मंडी हाउस जैसे बड़े इंटरचेंज स्टेशनों पर यात्री ट्रेन बदल सकते हैं।
🏥 सफदरजंग अस्पताल से सोनम वांगचुक का संदेश: अनशन तोड़ने की 3 शर्तें
अनशन के 21वें दिन पुलिस द्वारा जंतर-मंतर से जबरन हटाकर सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराए गए सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया के माध्यम से देशवासियों और समर्थकों के नाम एक हस्तलिखित संदेश भेजा है। वांगचुक ने स्पष्ट किया है कि वे अपना अनिश्चितकालीन अनशन केवल तीन परिस्थितियों में ही समाप्त करेंगे:
- शिक्षा मंत्री का जवाब और जवाबदेही: केंद्र सरकार देश की शिक्षा प्रणाली और परीक्षाओं में हो रही धांधली (NEET पेपर लीक) की जिम्मेदारी स्वीकार करे।
- संसद में चर्चा का आश्वासन: विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद और नेता अस्पताल आकर उन्हें यह भरोसा दें कि वे संसद के मौजूदा मानसून सत्र में शिक्षा की जवाबदेही का मुद्दा प्रमुखता से उठाएंगे।
- संसद मार्च की अनुमति: यदि सरकार जिम्मेदारी नहीं लेती, तो उन्हें और CJP के प्रतिनिधिमंडल को शांतिपूर्ण तरीके से संसद भवन के द्वार तक जाकर जनप्रतिनिधियों को अपनी मांगें सौंपने की अनुमति दी जाए।
📊 Delhi Jantar Mantar Protest 2026: Status & Timeline Table
| प्रमुख बिंदु (Key Aspect) | स्थिति और वर्तमान अपडेट (Current Status) |
|---|---|
| मुख्य आंदोलनकारी | सोनम वांगचुक एवं कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) |
| आंदोलन का मुख्य कारण | NEET-UG 2026 पेपर लीक और शिक्षा मंत्री का इस्तीफा |
| वांगचुक का स्वास्थ्य | सफदरजंग अस्पताल में भर्ती, अनशन जारी |
| मेट्रो परिचालन | 16 स्टेशन बंद, इंटरचेंज सुविधाएं चालू |
| सुरक्षा स्थिति | नई दिल्ली जिले में धारा 163 (BNSS) लागू, पैरा मिलिट्री तैनात |
| कानूनी कार्रवाई | दिल्ली पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों पर 10 से अधिक FIR दर्ज |
🛑 ‘संसद चलो’ मार्च पर पुलिस की सख्ती: दर्ज हुईं 10 से अधिक FIR
संसद परिसर की ओर मार्च करने की कोशिश कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच बीते दो दिनों में भारी झड़प देखने को मिली है। पुलिस का दावा है कि बिना पूर्व अनुमति के हजारों की संख्या में आए प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा घेरा और बैरिकेड्स तोड़ने की कोशिश की।
दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पार्लियामेंट स्ट्रीट, कनेक्ट प्लेस, मंदिर मार्ग, बाराखम्बा रोड और कर्तव्य पथ थानों में 10 से अधिक प्राथमिकियां (FIR) दर्ज की हैं। प्रदर्शनकारियों पर बीएनएस (BNS) की धाराओं, लोक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम और बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने के तहत मामले दर्ज किए गए हैं।
🏛️ संसद के मानसून सत्र में भी गूंजा मुद्दा: विपक्ष ने सरकार को घेरा
सोनम वांगचुक के अनशन और जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन का असर संसद की कार्यवाही पर भी साफ़ दिखाई दे रहा है।
- विपक्ष का हमला: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत अन्य प्रमुख विपक्षी नेताओं ने पुलिस द्वारा वांगचुक को जबरन उठाए जाने की कड़ी निंदा की है। विपक्ष का आरोप है कि सरकार युवाओं की आवाज दबाने के लिए तानाशाही रवैया अपना रही है।
- सरकारी पक्ष की प्रतिक्रिया: केंद्रीय मंत्रियों ने अस्पताल पहुंचकर सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य की जानकारी ली है। सरकार का कहना है कि वांगचुक के स्वास्थ्य को देखते हुए उन्हें अस्पताल में स्थानांतरित करना एक चिकित्सीय निर्णय था, न कि राजनीतिक। सरकार नियमानुसार हर विषय पर संसद में चर्चा के लिए तैयार है।
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