राजनीति डेस्क: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोमवार को हुए कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के उग्र प्रदर्शन और संसद मार्च के बाद देश का सियासी पारा पूरी तरह गरमा गया है। पुलिस लाठीचार्ज और वॉटर कैनन के इस्तेमाल के बाद सीजेपी के शीर्ष नेताओं ने आखिरकार केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की।
लाइव हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर और दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, इस हाई-प्रोफाइल मुलाकात के दौरान CJP ने केंद्र सरकार के सामने तीन ऐसी शर्तें और मांगें रख दी हैं, जिसने संसद से लेकर सड़क तक हड़कंप मचा दिया है। जहाँ एक तरफ सीजेपी के कार्यकर्ता दिल्ली की सड़कों पर डटे हुए हैं, वहीं दूसरी तरफ पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी ये तीन मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा।
🛑 जेपी नड्डा के सामने CJP की 3 मुख्य मांगें क्या हैं? (Three Major Demands)
लाइव हिंदुस्तान की विशेष रिपोर्ट के मुताबिक, कॉकरोच जनता पार्टी के प्रतिनिधिमंडल ने जेपी नड्डा को सौंपे गए अपने आधिकारिक ज्ञापन में मुख्य रूप से तीन मांगों को शामिल किया है, जिन पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है:
1. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा
सीजेपी की पहली और सबसे बड़ी मांग देश की शिक्षा प्रणाली में आई कथित कमियों और तकनीकी गड़बड़ियों को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को लेकर है। पार्टी का आरोप है कि राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में बार-बार हो रही गड़बड़ियों के लिए मंत्रालय को जिम्मेदारी लेनी होगी।
2. सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई
दैनिक जागरण के इनपुट्स के अनुसार, सीजेपी ने दिल्ली में हिरासत में लिए गए प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और उनके समर्थकों की बिना किसी शर्त के तत्काल रिहाई की मांग की है। पार्टी का कहना है कि लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाने वालों को दबाया नहीं जा सकता।
3. NEET UG 2026 पेपर लीक पीड़ितों को ₹1 करोड़ का मुआवजा
लाइव हिंदुस्तान की रिपोर्ट के मुताबिक, सीजेपी की तीसरी सबसे संवेदनशील मांग नीट-यूजी 2026 (NEET UG 2026) परीक्षा में कथित पेपर लीक के बाद तनाव और सदमे के कारण आत्महत्या करने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों से जुड़ी है। सीजेपी ने मांग की है कि प्रभावित परिवारों को सरकार की ओर से एक-एक करोड़ रुपये का आर्थिक मुआवजा और न्याय दिया जाए।
💬 मुलाकात के बाद जेपी नड्डा का पहला बयान: “बैठक सौहार्दपूर्ण रही”
लाइव हिंदुस्तान और दैनिक भास्कर की रिपोर्ट के अनुसार, इस बैठक को लेकर खुद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर जानकारी साझा की है।
- बातचीत की पहल: जेपी नड्डा ने बताया कि बातचीत का प्रस्ताव प्रदर्शनकारियों के प्रतिनिधिमंडल की ओर से ही आया था, जिसके बाद सुबह 11:50 बजे चर्चा शुरू हुई।
- मांगों पर विचार का आश्वासन: उन्होंने इस बैठक को पूरी तरह ‘सौहार्दपूर्ण’ बताया और कहा कि सीजेपी के प्रतिनिधियों के साथ व्यावहारिक स्तर पर चर्चा की गई है। सरकार ने प्रदर्शनकारियों से कानून-व्यवस्था और सामान्य स्थिति बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।
⚡ “अभी बस सिर्फ चर्चा हुई है, धरना खत्म नहीं” — सौरभ दास की दोटूक
दैनिक जागरण की ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद सीजेपी के मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास और आशुतोष रांका का रुख अभी भी कड़ा बना हुआ है।
सौरभ दास ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा:
“हम सोमवार दोपहर 12 बजे से जेपी नड्डा के आवास पर थे। हमने अपनी तीनों मांगें उनके सामने मजबूती से रख दी हैं। इसमें धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और सोनम वांगचुक की रिहाई हमारे लिए सबसे अहम है। मंत्री जी ने भरोसा दिया है कि वे इस पर विचार करेंगे, लेकिन जब तक ठोस कदम नहीं उठाए जाते, तब तक शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारी पीछे नहीं हटेंगे।”
📉 NEET 2026 पेपर लीक और तकनीकी कमियों पर गंभीर आरोप
दैनिक जागरण और लाइव हिंदुस्तान की संयुक्त रिपोर्ट के अनुसार, सीजेपी ने राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं के आयोजन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी का दावा है कि नीट-यूजी 2026 पेपर लीक, सीबीएसई (CBSE) कक्षा 12 के पोर्टल में आई तकनीकी कमियां और सीयूईटी (CUET) प्रवेश परीक्षा में हुई हालिया घटनाएं देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हैं। सीजेपी के अनुसार, इन सभी मामलों में शिक्षा मंत्रालय की सीधी जवाबदेही तय होनी चाहिए।
📋 CJP के आंदोलन की प्रमुख टाइमलाइन और फैक्ट्स
मुख्य पहलू विवरण (Details) वर्तमान स्थिति (Status) आंदोलन की शुरुआत 5 जून से राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं में अनियमितताओं के विरोध में शुरू हुआ। देश के कई शहरों में फैला। दिल्ली मार्च जंतर-मंतर पर 30 जून से अनिश्चितकालीन धरना प्रस्तावित था। 20 जुलाई को संसद मार्च के दौरान पुलिस से झड़प। मुलाकात का समय करीब 4 बजे लिखित ज्ञापन सौंपने के बाद प्रतिनिधिमंडल बाहर आया। सरकार के स्तर पर समीक्षा जारी।
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जेपी नड्डा के साथ बैठक में CJP ने कौन सी 3 मुख्य मांगें रखी हैं?
लाइव हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार, सीजेपी ने तीन मांगें रखी हैं— 1. शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा, 2. सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की रिहाई, और 3. नीट 2026 पेपर लीक के कारण जान गंवाने वाले अभ्यर्थियों के परिवारों को ₹1 करोड़ का मुआवजा।
बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने क्या प्रतिक्रिया दी?
जेपी नड्डा ने सोशल मीडिया पर बताया कि यह बैठक पूरी तरह सौहार्दपूर्ण माहौल में हुई। उन्होंने प्रदर्शनकारियों से शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने में सहयोग की अपील की है।
क्या सीजेपी नेताओं ने जेपी नड्डा से मुलाकात के बाद अपना धरना खत्म कर दिया है?
नहीं, दैनिक जागरण के मुताबिक, मुख्य प्रवक्ता सौरभ दास ने साफ किया है कि अभी सिर्फ चर्चा हुई है। जब तक उनकी मांगों पर कोई ठोस सरकारी कार्रवाई नहीं होती, तब तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रहेगा।
सीजेपी सोनम वांगचुक की रिहाई की मांग क्यों कर रही है?
सीजेपी का आरोप है कि दिल्ली में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठा रहे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और उनके समर्थकों को पुलिस ने गलत तरीके से हिरासत में लिया है, उन्हें तुरंत रिहा किया जाना चाहिए।
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