बड़ी खबर: दिल्ली में ‘अदालती सत्याग्रह’, राजघाट पर केजरीवाल-सिसोदिया; जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा पर छिड़ा संग्राम

अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया राजघाट पर सत्याग्रह करते हुए, अप्रैल 2026।
अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया राजघाट पर सत्याग्रह करते हुए, अप्रैल 2026।
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Gaurav Naurang

दिल्ली की सियासत में आज उस वक्त भूचाल आ गया जब मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने न्यायपालिका के खिलाफ एक बड़ा मोर्चा खोल दिया। दिल्ली आबकारी मामला (Delhi Excise Policy Case) में चल रही कानूनी कार्रवाई के बीच, आप (AAP) के दिग्गज नेताओं ने अदालत का बहिष्कार करने का चौंकाने वाला फैसला लिया है।

राजघाट पर ‘सत्याग्रह’ और भारी विरोध

आज सुबह से ही गूगल पर ‘मनीष सिसोदिया’ कीवर्ड की सर्च में भारी उछाल देखा गया। इसका मुख्य कारण केजरीवाल और सिसोदिया का कोर्ट जाने के बजाय राजघाट पहुंचना रहा। नेताओं ने इसे “केजरीवाल सिसोदिया राजघाट सत्याग्रह” का नाम दिया है। बापू की समाधि पर नमन करने के बाद नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे अब उस अदालत की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लेंगे जहाँ उन्हें निष्पक्षता की उम्मीद नहीं है।

क्या है जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा विवाद?

इस पूरे टकराव की जड़ में जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा (Justice Swarana Kanta Sharma) की अदालत है। दरअसल, आप नेताओं ने कोर्ट में एक जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा रिक्यूजल याचिका दायर की थी, जिसमें मांग की गई थी कि न्यायाधीश खुद को इस केस से अलग कर लें।

जब कोर्ट ने इस मांग को खारिज कर दिया, तो मामला “न्यायपालिका बनाम कार्यपालिका विवाद 2026” में तब्दील हो गया। अब सोशल मीडिया पर “Justice Swarana Kanta Sharma News” और “मनीष सिसोदिया कोर्ट बहिष्कार क्यों?” जैसे सवाल टॉप ट्रेंड में हैं।

कानूनी पेंच: अवमानना या अधिकार?

कानूनी गलियारों में अब इस बात पर बहस छिड़ गई है कि क्या है अदालती सत्याग्रह? और क्या यह अदालत की अवमानना और सत्याग्रह के बीच की कोई महीन रेखा है? विशेषज्ञ इसे “Delhi Excise Case April 2026 Updates” के सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव के रूप में देख रहे हैं।

मुख्य बिंदु जो आपको जानने चाहिए:

  • सीबीआई की सक्रियता: मनीष सिसोदिया की रिहाई की कानूनी स्थिति को लेकर सीबीआई की अपील पर भी सबकी नजरें टिकी हैं।
  • राघव चड्ढा की भूमिका: इस पूरे घटनाक्रम और रणनीति में राघव चड्ढा की भूमिका भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
  • अगला कदम: क्या कोर्ट इस बहिष्कार को गंभीरता से लेते हुए कड़ा रुख अपनाएगा?

vantage post in की टीम इस बड़ी खबर के हर पहलू पर नजर बनाए हुए है। Delhi Excise Case से जुड़ी हर छोटी-बड़ी अपडेट के लिए हमारे साथ बने रहें।


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