AAP की ‘हनुमान-जोड़ी’ अब मोदी के साथ! Raghav Chadha vs Swati Maliwal: भाजपा में जाते ही किसने पार्टी को ज्यादा धोया?

Raghav Chadha and Swati Maliwal join BJP news 2026
Raghav Chadha and Swati Maliwal join BJP news 2026
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Gaurav Naurang


Raghav Chadha vs Swati Maliwal BJP join

नई दिल्ली: राजनीति में दोस्ती और दुश्मनी के समीकरण बदलते देर नहीं लगती, लेकिन आम आदमी पार्टी (AAP) के लिए 24 अप्रैल 2026 की तारीख किसी राजनीतिक प्रलय से कम नहीं रही। राघव चड्ढा (Raghav Chadha), जिन्हें कभी अरविंद केजरीवाल का सबसे खास ‘पोस्टर बॉय’ माना जाता था, अब भगवा रंग में रंगे नजर आ रहे हैं। उनके साथ स्वाति मालीवाल (Swati Maliwal) की मौजूदगी ने इस पूरी बगावत को और भी दिलचस्प बना दिया है।

Raghav Chadha vs Swati Maliwal: जुबानी जंग में कौन आगे?

भाजपा मुख्यालय में दोनों नेताओं के तेवर देखने लायक थे। जहाँ राघव चड्ढा इमोशनल नजर आए, वहीं स्वाति मालीवाल ने ‘आर-पार’ की जंग का ऐलान कर दिया।

मुद्दाराघव चड्ढा का स्टैंडस्वाति मालीवाल का स्टैंड
छोड़ने की वजह“मैं सही आदमी था, पर गलत पार्टी में।”“AAP अब वो पार्टी नहीं रही जिसके लिए हमने लाठियां खाईं।”
नेतृत्व पर हमला‘टॉक्सिक वर्क कल्चर’ और आंतरिक तानाशाही का आरोप।‘महिला विरोधी’ माहौल और भ्रष्टाचार पर तीखा हमला।
मोदी पर राय“देश को सिर्फ पीएम मोदी का विजन बचा सकता है।”“मोदी जी के नेतृत्व में ही महिलाएं सुरक्षित हैं।”

10 लाख फॉलोअर्स का झटका: राघव चड्ढा को भारी पड़ रहा सोशल मीडिया?

एक तरफ राघव चड्ढा भाजपा ज्वाइन करके अपनी नई पारी शुरू कर रहे हैं, वहीं इंस्टाग्राम पर उन्हें तगड़ा झटका लगा है। खबरों के मुताबिक, भाजपा ज्वाइन करने के ऐलान के बाद से अब तक राघव चड्ढा 10 लाख से ज्यादा फॉलोअर्स खो चुके हैं। Gen Z यूजर्स उन्हें “विश्वासघाती” बताकर अनफॉलो कर रहे हैं।

क्या बचेगी राज्यसभा की सदस्यता? समझिए 2/3 का गणित

सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या राघव, स्वाति और अन्य 5 सांसदों की कुर्सी जाएगी?

  • संविधान का नियम: 10वीं अनुसूची (Anti-Defection Law) के तहत अगर किसी पार्टी के 2/3 सांसद एक साथ टूटते हैं, तो उनकी सदस्यता रद्द नहीं होती।
  • AAP का हाल: राज्यसभा में AAP के 10 सांसद थे, जिनमें से 7 (राघव चड्ढा, स्वाति मालीवाल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, राजेंद्र गुप्ता और विक्रम साहनी) ने भाजपा का हाथ थाम लिया है। यानी यह आंकड़ा 70% है, जो कानूनन सुरक्षित है।

संजय सिंह अब राज्यसभा में अकेले?

इस बगावत के बाद आम आदमी पार्टी राज्यसभा में पूरी तरह बिखर गई है। संजय सिंह, एनडी गुप्ता और बलबीर सिंह सीचेवाल ही अब केजरीवाल के पास बचे हैं। भाजपा के लिए यह जीत केवल संख्या बल की नहीं, बल्कि ‘परसेप्शन’ की भी है।


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