‘एक हिंदुस्तानी ने 9/11 होने से बचा लिया’: UPSC शताब्दी समारोह में गरजे पीएम मोदी, कैप्टन स्मित की बहादुरी पर गर्व

‘एक हिंदुस्तानी ने 9/11 होने से बचा लिया’: UPSC शताब्दी समारोह में गरजे पीएम मोदी, कैप्टन स्मित की बहादुरी पर जताया गर्व

नई दिल्ली के ‘भारत मंडपम’ में संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के 100 साल पूरे होने पर आयोजित शताब्दी समारोह का माहौल उस वक्त बेहद भावुक और गर्व से भर गया, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंच से भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार (Captain Smit Machhar) की असाधारण वीरता का जिक्र किया।

प्रधानमंत्री मोदी ने दुनिया के कई मंचों और इजरायली नेतृत्व की सराहना को दोहराते हुए कहा कि ‘एक हिंदुस्तानी ने 9/11 जैसी भयानक त्रासदी होने से बचा लिया’। आइए जानते हैं इस ऐतिहासिक संबोधन और कैप्टन स्मित की जांबाजी की पूरी और अंदर की कहानी:

1. फ्लाईदुबई फ्लाइट की वह डरावनी घटना और कैप्टन स्मित का पराक्रम

  • क्या था मामला: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट (FZ1073) में 174 यात्री और क्रू मेंबर सवार थे। उड़ान के दौरान विमान के भीतर एक खतरनाक स्थिति पैदा हो गई, जब कथित तौर पर को-पायलट ने विमान को क्रैश करने या उस पर नियंत्रण पाने की साजिश रची।
  • धारदार हथियार से हमला: ओमान के को-पायलट ने कैप्टन स्मित मच्छार पर धारदार हथियार से अचानक हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए।
  • 174 जिंदगियों की रक्षा: गंभीर रूप से जख्मी होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने जरा भी हिम्मत नहीं हारी और गजब की सूझबूझ दिखाते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इसके बाद यात्रियों और अन्य क्रू सदस्यों ने सूझबूझ से स्थिति को संभाला और विमान को सऊदी अरब में सुरक्षित लैंड कराया।

2. प्रधानमंत्री मोदी का बयान: “पूरी दुनिया को कैप्टन स्मित पर गर्व है”

  • 9/11 जैसी त्रासदी टली: UPSC के शताब्दी समारोह को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इजरायल के प्रधानमंत्री ने भी इस बात को माना है कि एक भारतीय पायलट के अदम्य साहस ने इतिहास के एक बड़े हादसे को टाल दिया।
  • परिवार से बातचीत: प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में साझा किया कि उन्होंने खुद कैप्टन स्मित के पिता भूपेंद्र भाई, माता गीता बहन और उनकी पत्नी सोनल से फोन पर बातचीत की है। वर्तमान में अस्पताल में उनका इलाज चल रहा है, और पीएम ने देशवासियों से उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ व लंबी उम्र की प्रार्थना करने की अपील की है।

3. UPSC के 100 साल: ‘राष्ट्र प्रथम’ और ‘नागरिक देवो भवः’ का संदेश

इस गौरवशाली प्रसंग के साथ-साथ प्रधानमंत्री ने UPSC के शताब्दी समारोह पर देश के प्रशासनिक भविष्य को लेकर भी अहम बातें कहीं:

  • भरोसे की एक सदी: पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 100 वर्षों में पीढ़ियां, तकनीक, सिलेबस और सरकारें बदली हैं, लेकिन देश का अटूट भरोसा आज भी यूपीएससी पर उतना ही मजबूत है। इस अवसर पर एक विशेष डाक टिकट, सिक्का और 100 महत्वपूर्ण केस लॉ का संग्रह भी लॉन्च किया गया।
  • एआई (AI) और आधुनिक चुनौतियां: प्रधानमंत्री ने आने वाले 25 वर्षों (विकसित भारत के संकल्प) के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस दौर में सिविल सर्विसेज को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहना होगा। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे केवल ‘पब्लिक ऑफिस’ (सरकारी कुर्सी) के लिए नहीं, बल्कि सच्ची ‘पब्लिक सर्विस’ (जनसेवा) के भाव से आगे आएं।

कैप्टन स्मित मच्छार की इस जांबाजी ने पूरी दुनिया में एक बार फिर भारत का सिर गर्व से ऊंचा कर दिया है!

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