सरकारी स्कूलों की सफाई के लिए ₹8,000 प्रति माह का बजट मंजूर, जारी हुए नए निर्देश
मुख्य बिंदु
सरकारी स्कूलों में स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने प्राथमिक और उच्च प्राथमिक सरकारी स्कूलों की नियमित सफाई के लिए ₹8,000 प्रति माह का विशेष बजट मंजूर किया है। इसके साथ ही स्कूलों में साफ-सफाई की व्यवस्था को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए नए दिशा-निर्देश (Guidelines) भी जारी कर दिए गए हैं।
सरकारी स्कूल सफाई बजट से जुड़ी मुख्य बातें: 15 महत्वपूर्ण बिंदु
सरकारी स्कूलों के स्वच्छता बजट, नए निर्देशों और कार्यान्वयन की प्रक्रिया से जुड़ी विस्तृत जानकारी नीचे दी गई है:
1. कितना बजट मंजूर किया गया है?
राज्य के प्रत्येक पात्र सरकारी स्कूल को परिसर और शौचालयों की सफाई के लिए ₹8,000 प्रति माह की राशि आवंटित की जाएगी।
2. इस योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?
स्कूलों में स्वच्छता का स्तर सुधारना, छात्रों को स्वच्छ वातावरण प्रदान करना और संक्रामक बीमारियों के खतरे को कम करना इसका मुख्य उद्देश्य है।
3. बजट का उपयोग कहां-कहां किया जाएगा?
इस राशि का उपयोग सफाई कर्मचारियों के पारिश्रमिक, झाड़ू, फिनाइल, ब्लीचिंग पाउडर, डिटर्जेंट और सफाई से जुड़े अन्य सामान खरीदने के लिए होगा।
4. शौचालयों की दैनिक सफाई अनिवार्य
नए निर्देशों के तहत स्कूल परिसर के साथ-साथ छात्र-छात्राओं के शौचालयों की दैनिक (Daily) और नियमित सफाई करना अनिवार्य कर दिया गया है।
5. सफाई एजेंसी या स्थानीय स्तर पर व्यवस्था
स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) स्थानीय स्तर पर सफाई कर्मचारियों को रख सकती है या अधिकृत एजेंसियों के माध्यम से सफाई कार्य करा सकती है।
6. स्कूल प्रबंधन समिति (SMC) की भूमिका
एसएमसी (School Management Committee) को इस फंड की निगरानी करने और सफाई कार्य की गुणवत्ता की जांच करने का पूर्ण अधिकार दिया गया है।
7. फंड आवंटन की प्रक्रिया
स्वीकृत राशि सीधे स्कूल के आधिकारिक बैंक खाते (SMC Account) में स्थानांतरित की जाएगी ताकि बजट का उपयोग तुरंत शुरू हो सके।
8. निरीक्षण और रिपोर्टिंग की व्यवस्था
शिक्षा अधिकारियों (BEO/SEO) को समय-समय पर स्कूलों का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) करने और स्वच्छता की स्थिति पर रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया है।
9. स्वच्छ जल और डस्टबिन की उपलब्धता
सफाई के साथ-साथ पानी की टंकियों की नियमित धुलाई और हर कक्षा के बाहर डस्टबिन (कूड़ेदान) रखना अनिवार्य किया गया है।
10. लापरवाही बरतने पर होगी कार्रवाई
यदि किसी स्कूल में बजट आवंटन के बाद भी गंदगी पाई जाती है, तो संबंधित संस्था प्रधान (Headmaster) और समिति के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।
11. स्वास्थ्य और स्वच्छता जागरूकता अभियान
सफाई अभियान के तहत विद्यार्थियों को भी व्यक्तिगत स्वच्छता और हाथ धोने के सही तरीकों के प्रति जागरूक किया जाएगा।
12. प्राथमिक और उच्च प्राथमिक दोनों स्कूलों को फायदा
इस फैसले से राज्य के हजारों प्राथमिक (Primary) और उच्च प्राथमिक (Upper Primary) विद्यालयों को सीधा लाभ पहुंचेगा।
13. शिक्षकों को मिलेगी राहत
अब तक कई जगह शिक्षकों को सफाई व्यवस्था का प्रबंधन खुद देखना पड़ता था, लेकिन अलग से बजट मिलने से शैक्षणिक गतिविधियों पर पूरा ध्यान केंद्रित हो सकेगा।
14. बजट उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC) जमा करना होगा
स्कूलों को हर महीने खर्च किए गए बजट का बिल और उपयोगिता प्रमाण पत्र (Utility Certificate) विभाग को जमा करना होगा।
15. कब से लागू होंगे नए नियम?
विभाग द्वारा जारी आदेशों के अनुसार यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू की जा रही है और चालू शैक्षणिक सत्र से ही बजट जारी होगा।
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