कक्षा 6 की छात्रा पायल दीक्षित बनीं एक दिन की डीएम, आईएएस की कुर्सी पर बैठकर निपटाए फरियादियों के मामले

कक्षा 6 की छात्रा पायल दीक्षित बनीं एक दिन की डीएम, आईएएस की कुर्सी पर बैठकर निपटाए फरियादियों के मामले

उत्तर प्रदेश में बालिकाओं को सशक्त बनाने और उनमें नेतृत्व क्षमता विकसित करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे ‘मिशन शक्ति’ अभियान के तहत फर्रुखाबाद जिले में एक बेहद प्रेरणादायक पहल देखने को मिली है। उच्च प्राथमिक विद्यालय पिपरगांव की कक्षा 6 की छात्रा पायल दीक्षित को प्रतीकात्मक रूप से एक दिन का जिलाधिकारी बनाया गया।

जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर के निर्देशन में आयोजित इस अनूठे कार्यक्रम के दौरान न सिर्फ पायल को आईएएस अधिकारी की कुर्सी पर बिठाया गया, बल्कि उन्होंने बाकायदा कलेक्ट्रेट में बैठकर आम जनता की शिकायतें सुनीं और त्वरित निस्तारण के निर्देश भी दिए।

उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद और स्थानीय प्रशासन द्वारा बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए इस तरह के कई कार्यक्रम समय-समय पर आयोजित किए जाते हैं।

जनसुनवाई में सुनीं फरियादियों की शिकायतें

आईएएस अफसर की कुर्सी संभालते ही छात्रा पायल दीक्षित का आत्मविश्वास देखने लायक था। जनसुनवाई के दौरान कलेक्ट्रेट पहुँचे फरियादियों की समस्याओं को उन्होंने बेहद ध्यानपूर्वक सुना।

फरियादियों की समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई

  • एक दिन की डीएम पायल दीक्षित ने जनसुनवाई के दौरान आए अलग-अलग फरियादियों के प्रार्थना पत्रों को बारीकी से देखा और समझा।
  • जमीन विवाद, पुलिस सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था से जुड़े मामलों में उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को तुरंत पारदर्शी जांच कर निस्तारण के आदेश जारी किए।
  • फरियादी भी एक छोटी बच्ची को प्रशासनिक कुर्सी पर बैठकर उनकी समस्याएं सुनते देख काफी प्रभावित हुए।

बालिकाओं में आत्मविश्वास जगाना मुख्य मकसद

जिलाधिकारी डॉ. अंकुर लाठर ने बताया कि ‘मिशन शक्ति’ अभियान का मुख्य ध्येय स्कूली बच्चों, विशेषकर बालिकाओं में निर्णय लेने की क्षमता और प्रशासनिक व्यवस्था की समझ पैदा करना है।

प्रशासनिक कार्यप्रणाली का प्रत्यक्ष अनुभव

  • जनसुनवाई संपन्न होने के बाद असली डीएम डॉ. अंकुर लाठर ने पायल दीक्षित को एक पौधा भेंटकर सम्मानित किया।
  • उन्होंने कहा कि इस तरह के अनुभवों से ग्रामीण पृष्ठभूमि के बच्चों के बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की प्रेरणा मिलती है।
  • इस पहल का उद्देश्य समाज में महिलाओं और बालिकाओं के प्रति सोच को बदलना और उन्हें हर क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है।

भविष्य में आईएएस बनने का संकल्प

कलेक्टर की कुर्सी पर बैठने के अनुभव को साझा करते हुए कक्षा 6 की छात्रा पायल दीक्षित ने कहा कि यह पल उनके जीवन का सबसे यादगार पल बन गया है। उन्होंने बताया कि प्रशासनिक काम को नजदीक से समझने के बाद अब उनका लक्ष्य कड़ी मेहनत कर भविष्य में असली आईएएस अधिकारी बनना है। इस प्रेरणादायक घटना की चर्चा पूरे जिले में हो रही है और हर कोई छात्रा की सूझबूझ की सराहना कर रहा है।

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