सोने-चांदी में अचानक क्यों मची भीषण भगदड़? 5 दिनों में ₹12,800 से ज्यादा टूटी चांदी, जानिए क्या अब खरीदारी का सही मौका है
मुख्य बिंदु
त्योहारी सीजन के बीच देश के बुलियन (सराफा) मार्केट से बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। पिछले कुछ हफ्तों से लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहे सोने और चांदी के दामों में अचानक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। लगातार 5 दिनों से जारी बिकवाली के चलते सोने के भाव में ₹3,488 प्रति 10 ग्राम और चांदी की कीमतों में ₹12,834 प्रति किलोग्राम तक की भारी गिरावट दर्ज की गई है।
इस जोरदार गिरावट के बाद 24 कैरेट सोना फिसलकर ₹1.46 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर आ गया है, जबकि चांदी गिरकर ₹2.08 लाख प्रति किलोग्राम के आसपास कारोबार कर रही है। अचानक आई इस मंदी ने जहां निवेशकों को चौंका दिया है, वहीं त्योहारों की खरीदारी कर रहे आम उपभोक्ताओं के मन में यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या यह सोने-चांदी में एंट्री करने का सबसे सही समय है?
आखिर क्यों अचानक औंधे मुंह गिरे सोने और चांदी के भाव?
कमोडिटी और बुलियन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजारों में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे 3 बड़े और मुख्य कारण हैं:
- अमरीकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में उछाल: ग्लोबल मार्केट में अमरीकी डॉलर (US Dollar Index) के मजबूत होने और अमरीकी ट्रेजरी यील्ड में बढ़त के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बुलियन एसेट्स पर दबाव बढ़ा है, जिससे वैश्विक सराफा बाजारों में मुनाफावसूली (Profit Booking) शुरू हो गई।
- फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों पर सख्त रुख: अमरीका में महंगाई दर के आंकड़ों के बाद ब्याज दरों में उम्मीद के मुताबिक तेजी से कटौती न होने के संकेतों ने सर्राफा बाजार के सेंटीमेंट को प्रभावित किया है।
- मुनाफावसूली का दौर: हाल ही में सोने और चांदी द्वारा बनाए गए रिकॉर्ड हाई के बाद बड़े संस्थागत निवेशकों और ट्रेडर्स ने भारी मात्रा में प्रॉफिट बुक किया, जिससे कीमतों में अचानक तेज गिरावट आई।
आम खरीदारों और निवेशकों के लिए क्या है एक्सपर्ट्स की सलाह?
सराफा बाजार के विश्लेषकों का मानना है कि लंबे समय तक लगातार तेजी के बाद आई यह गिरावट बाजार का एक स्वाभाविक प्राइस करेक्शन (Price Correction) है।
- खरीदारों के लिए बेहतरीन मौका: त्योहारी और आगामी शादी-ब्याह के सीजन को देखते हुए, जो लोग लंबे समय से खरीदारी का इंतजार कर रहे थे, उनके लिए यह गिरावट निचले स्तरों पर टुकड़ों में (SIP मोड) खरीदारी करने का अच्छा अवसर हो सकती है।
- सपोर्ट लेवल्स पर नजर: एक्सपर्ट्स के अनुसार, अगले कुछ दिनों में अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों और रुपया-डॉलर के एक्सचेंज रेट के आधार पर बाजार में थोड़ी और हलचल देखने को मिल सकती है, इसलिए एक साथ पूरा पैसा लगाने के बजाय थोड़ा-थोड़ा करके निवेश करना फायदेमंद रहेगा।
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