100% एथेनॉल वाले वाहनों पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा सवाल: केंद्र सरकार से पूछा- ‘इतना एथेनॉल कहाँ से आएगा?’
मुख्य बिंदु
भारत में एथेनॉल मिश्रित ईंधन (Ethanol Blended Fuel) और 100% एथेनॉल (E100) से चलने वाले फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को लेकर कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर हलचल तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट ने 100 प्रतिशत एथेनॉल से चलने वाली गाड़ियों की इजाजत को लेकर केंद्र सरकार से अहम सवाल पूछे हैं, जिस पर सरकार की तरफ से भी स्थिति साफ की गई है।
1. सुप्रीम कोर्ट ने जताई एथेनॉल सप्लाई पर चिंता
- अदालत का वाजिब सवाल: सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार से सवाल किया कि यदि देश में 100% एथेनॉल (E100) से चलने वाले वाहनों को अनुमति दी जाती है, तो इतनी बड़ी मात्रा में एथेनॉल की निर्बाध सप्लाई सरकार के पास कहाँ से होगी।
- केंद्र सरकार की सफाई: केंद्र ने अदालत को आश्वस्त किया कि 100% एथेनॉल आधारित इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करने के लिए व्यापक स्तर पर नीतियां बनाई जा रही हैं और इसके लिए बड़े पैमाने पर व्यवस्थागत बदलाव किए जाने हैं।
2. E100 और फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों को हरी झंडी
- ISMA का स्वागत: इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) ने केंद्रीय मोटर वाहन नियमों (CMVR) में संशोधन का स्वागत किया है, जिससे भारत में E100 फ्लेक्स-फ्यूल गाड़ियों के परिचालन का रास्ता साफ हुआ है।
- गडकरी और हरदीप पुरी का बयान: केंद्रीय मंत्रियों ने E20 और उच्च एथेनॉल ब्लेंडिंग के खिलाफ चल रही भ्रामक अफवाहों को खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि भारत हरित ईंधन और आत्मनिर्भर भारत के विजन को ध्यान में रखते हुए एथेनॉल क्षमता को लगातार बढ़ा रहा है।
