Stock Market Crash: सेंसेक्स 1,045 अंक गिरकर 71,593 पर बंद, मेटल और ऑटो सेक्टर में भारी गिरावट से निवेशक तबाह

Stock Market Crash: सेंसेक्स 1,045 अंक गिरकर 71,593 पर बंद, मेटल और ऑटो सेक्टर में भारी गिरावट से निवेशक तबाह

भारतीय शेयर बाजार के लिए कारोबारी हफ्ता बेहद निराशाजनक और उथल-पुथल भरा रहा है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स (Sensex) 1,045.46 अंक (1.44%) की भारी गिरावट के साथ 71,593.24 के स्तर पर बंद हुआ है। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी (Nifty) भी 371.25 अंक यानी 1.64% लुढ़ककर 22,231.80 के स्तर पर आ गया है। बाजार में चौतरफा बिकवाली के कारण निवेशकों को एक ही दिन में भारी-भरकम नुकसान उठाना पड़ा है।

आइए जानते हैं शेयर बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे के मुख्य कारणों और सेक्टरवार स्थिति के बारे में:

1. निवेशकों के डूबे 11 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा

मार्केट कैपिटलाइजेशन में भारी कमी

बाजार में मची इस भारी भगदड़ और बिकवाली के कारण बीएसई (BSE) पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन घटकर काफी नीचे आ गया है। एक ही सत्र में निवेशकों की संपत्ति से लगभग 11.37 लाख करोड़ रुपये साफ हो गए, जिससे निवेशकों में जबरदस्त मायूसी छाई हुई है। बाजार की चौड़ाई पूरी तरह से बिकवाली के पक्ष में रही, जहां गिरावट वाले शेयरों की संख्या बढ़त वाले शेयरों से कई गुना अधिक दर्ज की गई।

2. मेटल, रियल्टी और ऑटो सेक्टर में सबसे ज्यादा तबाही

सेक्टरवार हाल

कारोबारी सत्र के दौरान प्रमुख सेक्टरों में जोरदार बिकवाली देखने को मिली:

  • मेटल और रियल्टी इंडेक्स: निफ्टी मेटल और रियल्टी इंडेक्स में 3% से अधिक की सबसे बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जिसमें जेएसडब्ल्यू स्टील, टाटा स्टील और वेदांता जैसे बड़े शेयर बुरी तरह टूटे।
  • ऑटो, फार्मा और एनर्जी: ऑटो, फार्मा, एनर्जी और इन्फ्रास्ट्रक्चर सेक्टर भी 2% से 3% तक के भारी नुकसान के साथ लाल निशान में बंद हुए। कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते निवेशकों ने हर सेक्टर से पैसा निकालना सुरक्षित समझा।

3. बाजार में इस बड़ी गिरावट के मुख्य कारण

  • कच्चे तेल (Crude Oil) में उछाल: ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें बढ़कर 104 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जिससे भारत जैसे आयातक देशों में आयात बिल और महंगाई बढ़ने की आशंका गहराई है।
  • आरबीआई का सख्त रुख: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो रेट में बढ़ोतरी और नीतिगत रुख में बदलाव के बाद से निवेशकों में ब्याज दरों को लेकर चिंता बनी हुई है।
  • विदेशी निवेशकों (FIIs) की लगातार बिकवाली: विदेशी संस्थागत निवेशकों द्वारा लगातार भारी मात्रा में भारतीय इक्विटी से पैसा निकाले जाने से बाजार का दबाव और अधिक बढ़ गया है।

Sensex Crashes 1,045 Points, Nifty Falls 371 Amid Oil Price Surge

यह वीडियो शेयर बाजार में आई इस बड़ी गिरावट, कच्चे तेल के दामों में उछाल और विदेशी निवेशकों की बिकवाली के कारणों को विस्तार से समझने में मदद करता है।

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