सोने-चांदी के दामों में भारी गिरावट: 2 महीने बाद सोना 1.50 लाख के नीचे फिसला, जानिए क्या हैं ताजा रेट्स!
मुख्य बिंदु
भारतीय सर्राफा बाजार में कीमती धातुओं के शौकीनों और निवेशकों के लिए एक बड़ी खबर सामने आई है। लंबे समय से उच्च स्तर पर बने रहने के बाद आखिरकार सोने की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई है। स्थानीय स्तर पर कमजोर मांग और वैश्विक दबाव के चलते सोना दो महीने के सबसे निचले स्तर पर आ गया है और यह 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के अहम आंकड़े से नीचे फिसल गया है।
सोने-चांदी के बाजार में आई इस अचानक सुस्ती और गिरावट के पीछे की पूरी स्थिति को आइए विस्तार से समझते हैं:
1. सोना हुआ सस्ता, कीमत 1.50 लाख के नीचे
- बड़ी गिरावट: दिल्ली सर्राफा बाजार में पिछले कुछ दिनों के भीतर सोने की कीमतों में तगड़ी कमजोरी देखने को मिली है, जिससे यह 1.50 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर से नीचे आ गया है।
- दो महीने का निचला स्तर: जानकारों के मुताबिक, इससे पहले जुलाई के अंत में सोना इस स्तर के आसपास कारोबार कर रहा था, यानी लगभग दो महीने के लंबे अंतराल के बाद सोने के दाम इस सुस्त पायदान पर लौटे हैं।
2. चांदी के दामों में भी स्थिरता और उतार-चढ़ाव
- चांदी का हाल: सोने के साथ-साथ चांदी की चमक पर भी वैश्विक संकेतों का असर देखा गया है। पिछले सत्रों में बड़ी गिरावट दर्ज करने के बाद चांदी फिलहाल स्थिर रुख के साथ कारोबार कर रही है।
- औद्योगिक मांग का असर: औद्योगिक और निवेशकों की बिकवाली के कारण चांदी के तेवर भी कुछ नरम पड़े हैं, जिससे खरीदारों को थोड़े निचले स्तर पर खरीदारी का मौका मिल रहा है।
3. कीमतों में गिरावट की मुख्य वजहें क्या हैं?
- मजबूत अमेरिकी डॉलर: वैश्विक बाजारों में अमेरिकी डॉलर सूचकांक में मजबूती आने से बुलियन मार्केट (सोना-चांदी) पर लगातार दबाव बना हुआ है।
- ब्याज दरों को लेकर अनुमान: अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा बनाए रखने की आशंकाओं के चलते निवेशक सुरक्षित निवेश के दूसरे विकल्पों की तरफ रुख कर रहे हैं।
- स्थानीय मांग में सुस्ती: त्योहारी सीजन से पहले घरेलू हाजिर बाजार में ग्राहकों की ओर से सुस्त मांग देखने को मिली है, जिसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा है।
खरीदारों के लिए क्या है सलाह?
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जिन निवेशकों या आम ग्राहकों को शादी-विवाह या लंबी अवधि के लिए निवेश के वास्ते सोना-चांदी खरीदना है, उनके लिए यह करेक्शन (गिरावट) एक राहत भरा मौका साबित हो सकता है। हालांकि, बाजार की अनिश्चितता को देखते हुए खरीदारी करने से पहले अपने शहर के ताजा टैक्स (जैसे GST) सहित सटीक भाव जरूर जांच लें।
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