PPF और सुकन्या समृद्धि योजना पर बड़ा अपडेट: अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए ब्याज दरों का ऐलान, जानिए किस स्कीम पर कितना मिल रहा है फायदा!
मुख्य बिंदु
छोटी बचत योजनाओं (Small Savings Schemes) में निवेश करने वाले करोड़ों निवेशकों के लिए एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष की तीसरी तिमाही यानी अक्टूबर से दिसंबर के नए दौर के लिए पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF) और सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) समेत तमाम छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों का ऐलान कर दिया है।
सरकार के इस ताजा फैसले के बाद निवेशकों को क्या राहत मिली है और किस योजना पर कितना ब्याज मिल रहा है, आइए इसकी पूरी डिटेल जानते हैं:
1. ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं (Unchanged Interest Rates)
- पुरानी दरें रहेंगी जारी: वित्त मंत्रालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सरकार ने अक्टूबर से दिसंबर तिमाही के लिए छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों में कोई भी बदलाव नहीं किया है।
- 1 अक्टूबर से लागू: जुलाई से सितंबर वाली तिमाही में जो ब्याज दरें लागू थीं, वही समान दरें 1 अक्टूबर से प्रभावी हो गई हैं और पूरे तीन महीने तक यानी 31 दिसंबर तक बनी रहेंगी।
2. प्रमुख योजनाओं पर मिलने वाली ब्याज दरों की सूची
सरकार द्वारा दरों को यथावत रखने के बाद विभिन्न लोकप्रिय योजनाओं पर मिलने वाला ब्याज इस प्रकार है:
- सुकन्या समृद्धि योजना (SSY): बालिकाओं के भविष्य के लिए बनाई गई इस लोकप्रिय योजना पर पहले की तरह ही 8.2% सालाना ब्याज मिलता रहेगा।
- पब्लिक प्रोविडेंट फंड (PPF): लंबी अवधि के निवेशकों और टैक्स सेविंग के लिए पसंदीदा पीपीएफ योजना पर ब्याज दर 7.1% पर बरकरार रखी गई है।
- सीनियर सिटीजन सेविंग्स स्कीम (SCSS): वरिष्ठ नागरिकों के लिए इस योजना के तहत ब्याज दर 8.2% तय की गई है।
- नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC): एनएससी पर निवेशकों को 7.7% का ब्याज मिलता रहेगा।
- किसान विकास पत्र (KVP): इस योजना के तहत ब्याज दर 7.5% है, और इसमें निवेश एक निश्चित अवधि में दोगुना होता है।
- पोस्ट ऑफिस मंथली इनकम स्कीम (POMIS): मासिक आय योजना पर निवेशकों को 7.4% का रिटर्न मिलता रहेगा।
3. निवेशकों पर इसका क्या असर होगा?
- स्थिर रिटर्न: दरों में फेरबदल न होने के कारण निवेशकों को पुरानी दरों के हिसाब से ही लगातार रिटर्न मिलता रहेगा। बाजार के उतार-चढ़ाव के बीच इन छोटी बचत योजनाओं में पैसा लगाने वालों को सुरक्षित और निश्चित ब्याज का लाभ मिलता रहेगा।
- त्रैमासिक समीक्षा: गौरतलब है कि सरकार हर तीन महीने पर अर्थव्यवस्था की स्थिति और बॉन्ड यील्ड के हिसाब से इन छोटी बचत योजनाओं की ब्याज दरों की समीक्षा करती है। इस बार दरों को स्थिर रखकर सरकार ने निवेशकों को फिलहाल राहत देने का काम किया है।
