Rajasthan Municipal Election Results 2026: जानिए राजस्थान निकाय चुनावों के ताजा परिणाम और राजनीतिक समीकरण
राजस्थान के 309 शहरी स्थानीय निकायों (नगर निगम, नगर परिषद और नगरपालिका) के लिए हुए आम चुनावों के परिणाम सामने आ चुके हैं। राज्य के कुल 10,000 से अधिक वार्डों के लिए दो चरणों में (9 और 11 सितंबर 2026) मतदान संपन्न हुए थे, जिसके बाद आज वोटों की गिनती पूरी हुई। इन परिणामों को साल 2028 के विधानसभा चुनावों से पहले शहरी इलाकों के राजनीतिक मूड का एक बड़ा संकेतक माना जा रहा है। आइए जानते हैं प्रमुख जिलों और निकायों का पूरा हाल:
मुख्य बिंदु
1. प्रमुख नगर निगमों और जिलों के नतीजे
- जयपुर नगर निगम: राजधानी जयपुर में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने मजबूत प्रदर्शन करते हुए बढ़त बनाई है और कई वार्डों में जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस पार्टी भी कड़ी टक्कर देते हुए दूसरे स्थान पर है। इसके अलावा जयपुर निगम में Gen Z यानी युवा प्रत्याशियों (जैसे 21 वर्षीय फैज हसन और 22 वर्षीय सुमन भाटी) की जीत भी चर्चा का विषय रही है।
- सीकर (कांग्रेस का गढ़): प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा के गढ़ सीकर में कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए स्पष्ट बहुमत हासिल किया है। यहाँ के 65 वार्डों में से कांग्रेस ने 38 पर जीत दर्ज की है, जबकि बीजेपी को 22 सीटें मिली हैं।
- झालावाड़ (वसुंधरा राजे का गढ़): पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के राजनीतिक गढ़ माने जाने वाले झालावाड़ में बीजेपी को बड़ा झटका लगा है। यहाँ कांग्रेस ने बहुमत हासिल करते हुए बाजी मारी है।
- बाड़मेर: बाड़मेर नगर परिषद में 15 साल बाद बीजेपी ने वापसी करते हुए बहुमत का आंकड़ा पार किया है और बोर्ड बनाने की स्थिति में है।
- बारां: बारां जिले के नतीजों में चौंकाने वाले आंकड़े सामने आए हैं, जहाँ आम आदमी पार्टी (AAP) ने दमदार एंट्री करते हुए स्पष्ट बहुमत हासिल किया है।
2. बीजेपी और कांग्रेस का overall प्रदर्शन
राज्यभर में कुल 309 निकायों के लिए हुए पार्षदों के चुनावों में बीजेपी और कांग्रेस के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली है:
- शुरुआती और घोषित परिणामों के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य के कई बड़े निगमों और परिषदों में अपनी बढ़त और बहुमत दर्ज किया है, जिसमें जयपुर, कोटा और उदयपुर जैसे प्रमुख निगम शामिल हैं।
- वहीं कांग्रेस पार्टी ने भी सीकर, झालावाड़, अजमेर, बीकानेर और अलवर जैसी जगहों पर मजबूत सीटें जीतकर अपनी राजनीतिक पकड़ को साबित किया है।
- कई निकायों में निर्दलीय (Independents) और क्षेत्रीय दलों के उम्मीदवार ‘किंगमेकर’ की भूमिका में उभरे हैं, जिनके समर्थन से बोर्ड गठन का रास्ता साफ होगा।
3. आगे की राजनीतिक प्रक्रिया
- मेयर और सभापति चुनाव: पार्षदों के परिणाम आने के बाद अब आगामी 21 सितंबर 2026 को नगर निगमों में मेयर (महापौर), नगर परिषदों में सभापति और नगरपालिकाओं के चेयरमैन पद के लिए मतदान होगा।
- इसके बाद 22 सितंबर 2026 को उप-मेयर, उप-सभापति और उपाध्यक्षों के चुनाव संपन्न कराए जाएंगे।
नतीजों के बाद से ही दोनों प्रमुख दलों (BJP और Congress) ने अपने जीते हुए पार्षदों की बाड़ेबंदी और जोड़-तोड़ की राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं।
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