SCO Summit 2026: ‘पानी को हथियार न बनाएं…’, शहबाज़ शरीफ ने फिर उठाया सिंधु जल संधि का मुद्दा

SCO Summit 2026: शहबाज़ शरीफ ने फिर छेड़ा सिंधु जल संधि का राग, भारत का सख्त रुख कायम

शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 2026 शिखर सम्मेलन में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ ने भारत के साथ जारी सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty) विवाद को लेकर अपनी प्रतिक्रिया दी है। बिश्केक में सदस्य देशों को संबोधित करते हुए शहबाज़ शरीफ ने कहा कि साझा जल संसाधनों का इस्तेमाल कभी भी राजनीतिक दबाव या हथियार के रूप में नहीं किया जाना चाहिए।

यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत ने हाल ही में द हेग स्थित स्थायी मध्यस्थता अदालत (Permanent Court of Arbitration) के उस आदेश को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें सिंधु जल संधि पर भारत के निलंबन फैसले पर सवाल उठाए गए थे।

1. शहबाज़ शरीफ के भाषण के प्रमुख बिंदु

शहबाज़ शरीफ ने अंतरराष्ट्रीय नदियों और जल संधियों पर बोलते हुए कहा कि पानी किसी भी क्षेत्र की “जीवन रेखा” होता है और यह लाखों लोगों की आजीविका तथा कृषि से जुड़ा हुआ है।

  • “पानी को हथियार न बनाया जाए”: पाकिस्तान के पीएम ने कहा कि साझा नदियों के पानी का इस्तेमाल किसी भी देश द्वारा कूटनीतिक दबाव या दबाव बनाने के हथियार (Instrument of Coercion) के रूप में नहीं होना चाहिए।
  • बाध्यकारी समझौते: भारत का सीधा नाम लिए बिना उन्होंने कहा कि 1960 की सिंधु जल संधि जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धताएं बाध्यकारी हैं और इन्हें राजनीतिक सुविधा के हिसाब से दरकिनार नहीं किया जा सकता।
  • क्षेत्रीय शांति: शरीफ ने तर्क दिया कि दक्षिण एशिया में जब तक जल सुरक्षा और बुनियादी मुद्दों पर स्थायी शांति नहीं होगी, तब तक क्षेत्र अपनी पूरी क्षमता का इस्तेमाल नहीं कर पाएगा।

2. विवाद की पृष्ठभूमि: भारत ने क्यों निलंबित की संधि?

भारत और पाकिस्तान के बीच सिंधु जल संधि को लेकर तनाव पिछले साल अप्रैल 2025 में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद चरम पर पहुंच गया था।

  1. संधि का निलंबन: पहलगाम हमले के बाद भारत ने कड़ा रुख अपनाते हुए 1960 की सिंधु जल संधि के संचालन को स्थगित (Abeyance) कर दिया था।
  2. द हेग कोर्ट पर भारत का जवाब: पाकिस्तान ने इस फैसले के खिलाफ द हेग (The Hague) स्थित मध्यस्थता अदालत का रुख किया था। हालांकि, भारत ने स्पष्ट कर दिया कि यह ट्रिब्यूनल गैर-कानूनी तरीके से गठित किया गया है और इसके पास भारत के संप्रभु निर्णयों पर हस्तक्षेप करने का कोई कानूनी अधिकार (Jurisdiction) नहीं है।

3. आतंकवाद पर पीएम मोदी का कड़ा संदेश

SCO सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी आतंकवाद और इसके पोषक ढांचे पर कड़ा प्रहार किया।

  • पीएम मोदी ने कहा कि आतंकवाद से लड़ने के लिए अंतरराष्ट्रीय समुदाय को “दोहरे मापदंड” (Double Standards) छोड़ने होंगे।
  • उन्होंने जोर देकर कहा कि जो देश आतंकवाद को नीति के रूप में इस्तेमाल करते हैं और आतंकियों को सुरक्षित पनाहगाह (Safe Havens) मुहैया कराते हैं, उन्हें इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।

4. Indus Waters Treaty Controversy Key Highlights

पहलूविवरण
आयोजनSCO शिखर सम्मेलन 2026 (बिश्केक)
पाकिस्तान का तर्कजल संधियों को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल न किया जाए।
भारत का रुखसिंधु जल संधि पर निलंबन जारी रहेगा; हेग कोर्ट का अधिकार क्षेत्र अमान्य।
विवाद का कारणअप्रैल 2025 पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत का कड़ा फैसला।

निष्कर्ष (Editor’s Take)

शहबाज़ शरीफ का SCO मंच पर सिंधु जल संधि का मुद्दा उठाना यह दर्शाता है कि पानी के मुद्दे पर पाकिस्तान पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। हालांकि, सीमा पार आतंकवाद पर भारत का स्पष्ट रुख यह संकेत देता है कि जब तक आतंकवाद पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक द्विपक्षीय मुद्दों पर रियायत मिलने की संभावना बेहद कम है।

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