Uttarakhand Education System Crisis: नीट (NEET) परीक्षा को लेकर जारी राष्ट्रव्यापी बवाल के बीच अब उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय (UTU) भी एक बड़े पेपर लीक कांड की ज़द में आ गया है। वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय से संबद्ध कॉलेज के एक सहायक प्रोफेसर की गैर-जिम्मेदाराना करतूत ने हजारों इंजीनियरिंग छात्रों के भविष्य और राज्य की परीक्षा प्रणाली की साख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से दो प्रमुख विषयों की सम सेमेस्टर परीक्षाएं रद्द कर दी हैं और आरोपी प्रोफेसर के खिलाफ सख्त विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
📲 How Paper Leaked: वॉट्सऐप और इंटरनल पोर्टल से कैसे हुआ पेपर लीक?
जांच समिति की शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक, शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग (Shivalik College of Engineering) में पदस्थ सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को विश्वविद्यालय ने प्रश्नपत्र सेट करने की जिम्मेदारी सौंपी थी।
लीक का तरीका और लापरवाही:
- इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) और इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड थ्योरी: इन दोनों कठिन विषयों के प्रश्नपत्र परीक्षा आयोजित होने से काफी पहले ही लीक हो गए थे।
- वॉट्सऐप ग्रुप पर शेयर: आरोपी प्रोफेसर ने गोपनीय नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए परीक्षा शुरू होने से पहले ही प्रश्नपत्र छात्रों के वॉट्सऐप ग्रुप और कॉलेज के इंटरनल पोर्टल पर शेयर कर दिए।
- विश्वविद्यालय का एक्शन: गोपनीयता भंग होने की पुष्टि होते ही कुलपति के निर्देश पर आंतरिक जांच गठित की गई, जिसमें प्रोफेसर आशीष गुप्ता को सीधे तौर पर दोषी पाया गया।
🚫 7-Year Ban & Suspension: आरोपी प्रोफेसर पर बड़ा एक्शन, 22 कॉलेजों के लिए एडवाइजरी
विश्वविद्यालय कार्यपरिषद और कुलपति ने इस संगीन मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए सख्त फैसला लिया है:
- 7 साल के लिए ब्लैकलिस्ट: आरोपी सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता को विश्वविद्यालय की सभी परीक्षाओं, मूल्यांकन और गोपनीय कार्यों से अगले 7 वर्षों के लिए प्रतिबंधित (Banned) कर दिया गया है।
- कॉलेज से बर्खास्तगी की सिफारिश: विश्वविद्यालय ने संबंधित इंजीनियरिंग कॉलेज प्रबंधन को आरोपी शिक्षक को तुरंत सेवा से निलंबित कर बर्खास्त करने के निर्देश जारी किए हैं।
- कड़ी चेतावनी: UTU से संबद्ध सभी 22 निजी और सरकारी तकनीकी संस्थानों को भविष्य में संकायों की नियुक्ति और परीक्षा नियमों में किसी भी तरह की ढिलाई न बरतने की सख्त हिदायत दी गई है।
📊 UTU Paper Leak Case: Key Highlights & Updates
| पैमाना / विवरण (Key Metrics) | स्थिति / जानकारी (Details) |
|---|---|
| विश्वविद्यालय का नाम | वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखंड प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (UTU) |
| प्रभावित परीक्षाएं | सम सेमेस्टर 2025-26 (IoT एवं इलेक्ट्रोमैग्नेटिक फील्ड थ्योरी) |
| मुख्य आरोपी | सहायक प्रोफेसर आशीष कुमार गुप्ता (शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग) |
| की गई कार्रवाई | 2 परीक्षाएं रद्द, प्रोफेसर पर 7 साल का बैन, FIR की प्रक्रिया जारी |
| पुनः परीक्षा की संभावित तिथि | अगस्त 2026 के तीसरे सप्ताह में (आधिकारिक अधिसूचना जल्द) |
💥 NSUI & Student Protest: जंतर-मंतर से लेकर देहरादून तक सड़कों पर छात्र
उत्तराखंड में लागू सख्त ‘नकल विरोधी कानून’ के बावजूद बार-बार हो रहे पेपर लीक से छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) और विभिन्न छात्र संघों ने विश्वविद्यालय परिसर का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया है।
छात्रों की मुख्य मांगे:
- निष्पक्ष CBI जांच: छात्रों की मांग है कि इस सिंडिकेट में केवल एक प्रोफेसर ही नहीं, बल्कि कॉलेज प्रबंधन और विश्वविद्यालय के उच्च अधिकारियों की भूमिका की भी निष्पक्ष जांच हो।
- पारदर्शी परीक्षा ढांचा: रद्द की गई दोनों परीक्षाओं को बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के सुरक्षा प्रोटोकॉल के साथ जल्द से जल्द दोबारा आयोजित किया जाए।
- दोषियों की गिरफ्तारी: आरोपी शिक्षक और इसमें शामिल अन्य बिचौलियों के खिलाफ ‘नकल विरोधी कानून’ के तहत गैर-जमानती धाराओं में तत्काल मामला दर्ज किया जाए।
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