JPSC Recruitment Scam & CID Investigation: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की 11वीं, 12वीं और 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा में धांधली और अनियमितताओं का मामला अब एक बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच चुका है। आयोग के कार्यालय में राज्य अपराध अनुसंधान विभाग (CID) और रांची पुलिस की संयुक्त टीम की अचानक छापेमारी के बाद आयोग में हड़कंप मच गया है।
इस बड़ी कार्रवाई के तुरंत बाद JPSC के चेयरमैन एल. खियांगते ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। दूसरी ओर, परीक्षा का आयोजन कराने वाली आउटसोर्सिंग एजेंसी TDPL के ठिकानों पर रेड मारकर पुलिस ने कई वरिष्ठ अधिकारियों और पूर्व परीक्षा नियंत्रक श्वेता गुप्ता समेत चार लोगों को हिरासत में लिया है। अभ्यर्थियों का उग्र प्रदर्शन और राजनीतिक घमासान इस वक्त चरम पर है।
🏛️ JPSC कार्यालय में CID और पुलिस की रेड: क्या-क्या जब्त हुआ?
झारखंड सिविल सेवा परीक्षा में भारी गड़बड़ी के आरोपों के बाद गृह विभाग के निर्देश पर गठित CID टीम ने JPSC मुख्यालय को चारों तरफ से घेरकर तलाशी अभियान चलाया। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियों के हाथ कई ऐसे डिजिटल सबूत और दस्तावेज लगे हैं जो सीधे तौर पर ओएमआर शीट (OMR Sheet) में हेरफेर और अंक बढ़ाने की ओर इशारा करते हैं।
जांच में जब्त किए गए प्रमुख साक्ष्य:
- हार्ड डिस्क और सर्वर डेटा: आउटसोर्सिंग कंपनी TDPL के दफ्तर और JPSC के गोपनीय शाखा से जब्त मुख्य सर्वर।
- पेन ड्राइव और सीलबंद रजिस्टर: परीक्षा परिणाम तैयार करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटर्स के लॉग-इन क्रेडेंशियल्स।
- फोरेंसिक जांच: अभ्यर्थियों की कॉपियों और OMR शीट्स की फॉरेंसिक सैंपलिंग शुरू कर दी गई है।
💥 JPSC चेयरमैन एल. खियांगते का इस्तीफा और श्वेता गुप्ता की हिरासत
मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब आयोग के अध्यक्ष एल. खियांगते ने अपना इस्तीफा राज्यपाल को सौंप दिया। हालांकि, आधिकारिक तौर पर उन्होंने व्यक्तिगत कारणों का हवाला दिया है, लेकिन जानकारों का मानना है कि CID की दबिश और अभ्यर्थियों के दबाव के चलते यह कदम उठाया गया है।
दूसरी तरफ, JPSC की पूर्व असिस्टेंट एग्जामिनेशन कंट्रोलर श्वेता गुप्ता के आवास और दफ्तर पर CID की स्पेशल टीम ने पूछताछ की। आरोप है कि नगर विकास विभाग में तबादला होने के बावजूद श्वेता गुप्ता अनाधिकृत रूप से JPSC के गोपनीय मामलों में दखल दे रही थीं और परीक्षा से जुड़ी संवेदनशील फाइलों को एक्सेस कर रही थीं।
📊 JPSC Controversy 2026: Key Developments & Timeline Table
| घटना (Event) | वर्तमान स्थिति (Status) | मुख्य आरोपी / शामिल संस्था |
|---|---|---|
| CID और पुलिस रेड | JPSC दफ्तर और एजेंसी TDPL पर छापेमारी | आउटसोर्सिंग एजेंसी TDPL |
| चेयरमैन का इस्तीफा | एल. खियांगते ने इस्तीफा सौंपा | JPSC अध्यक्ष पद खाली |
| पूर्व नियंत्रक हिरासत | श्वेता गुप्ता से गहन पूछताछ जारी | पूर्व परीक्षा नियंत्रक शाखा |
| 11 भर्ती परीक्षाएं | जांच के दायरे में आई 11 अन्य परीक्षाएं | JPSC परीक्षा शाखा |
| अभ्यर्थियों का विरोध | बैरिकेडिंग तोड़कर प्रदर्शन, परीक्षा रद्द की मांग | भाजयुमो एवं छात्र संगठन |
🚨 जांच के दायरे में आईं JPSC की ये 11 अन्य भर्ती परीक्षाएं
11वीं से 13वीं संयुक्त सिविल सेवा परीक्षा के अलावा राज्य सरकार और CID ने आयोग द्वारा हाल ही में आयोजित या प्रस्तावित निम्नलिखित 11 प्रमुख भर्ती परीक्षाओं की जांच भी शुरू कर दी है:
- राज्य संयुक्त असैनिक सेवा परीक्षा (Civil Services Exam)
- द्वितीय बाल विकास परियोजना पदाधिकारी भर्ती (CDPO Exam)
- सहायक प्राध्यापक (Assistant Professor) नियुक्ति परीक्षा
- चिकित्सा पदाधिकारी (Medical Officer) भर्ती
- खान निरीक्षक (Mine Inspector) परीक्षा
- दंत चिकित्सक (Dentist) भर्ती परीक्षा
- प्राथमिक शिक्षक (Primary Teacher) भर्ती
- नगर विकास नियोजन परीक्षा (Urban Development Exam)
- सहायक अभियंता (Assistant Engineer – Civil/Mech/Elec) भर्ती
- आयुष चिकित्सा पदाधिकारी भर्ती
- पशु चिकित्सा पदाधिकारी (Veterinary Officer) परीक्षा
🪧 सड़कों पर उतरे छात्र: भाजयुमो ने निकाला मशाल जुलूस, बैरिकेडिंग तोड़ी
रांची की सड़कों पर हजारों की संख्या में छात्रों और भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। ‘JPSC परीक्षा रद्द करो’ के नारों के साथ निकले मशाल जुलूस के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच तीखी झड़प हुई।
- मुख्य मांगें: छात्रों का कहना है कि जब तक पूरे मामले की निष्पक्ष CBI जांच नहीं होती और 11वीं-13वीं JPSC परीक्षा को पूरी तरह रद्द नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
- मेरिट लिस्ट में गड़बड़ी: अभ्यर्थियों का आरोप है कि बिना कटऑफ मार्क्स जारी किए और बिना श्रेणीवार सूची के सीधे परिणाम घोषित कर दिए गए, जो कि नियमों के पूरी तरह खिलाफ है।
⚔️ राजनीतिक घमासान: BJP ने सरकार को घेरा, कांग्रेस-JMM का पलटाव
इस घोटाले को लेकर झारखंड की राजनीति भी पूरी तरह गरमा गई है:
- भाजपा (BJP) का हमला: प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और प्रमुख नेताओं ने राज्य सरकार पर युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया है। भाजपा का दावा है कि सरकारी संरक्षण में एजेंसियों के जरिए नौकरियों की बोली लगाई जा रही है।
- सत्ता पक्ष का पक्ष: सत्ताधारी दल (JMM-कांग्रेस) का कहना है कि सरकार भ्रष्टाचार पर पूरी तरह जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। CID रेड और अधिकारियों की गिरफ्तारी इस बात का सबूत है कि किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
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Q1. क्या JPSC 11वीं-13वीं सिविल सेवा परीक्षा रद्द होगी?
उत्तर: फिलहाल CID की जांच जारी है और आयोग के निर्णय के बाद ही आधिकारिक घोषणा होगी। हालांकि छात्रों और विपक्षी दलों द्वारा लगातार परीक्षा रद्द करने की मांग की जा रही है।
Q2. JPSC के नए चेयरमैन कौन बनेंगे?
उत्तर: एल. खियांगते के इस्तीफे के बाद राज्य सरकार जल्द ही नए अध्यक्ष के नाम की घोषणा करेगी। कार्यवाहक अध्यक्ष की नियुक्ति पर भी विचार चल रहा है।
Q3. CID की जांच में कौन-कौन सी एजेंसियां शामिल हैं?
उत्तर: इस पूरे मामले की जांच झारखंड CID के साथ-साथ रांची पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीम मिलकर कर रही है।
Q4. क्या JPSC की अन्य आगामी परीक्षाएं स्थगित होंगी?
उत्तर: जांच प्रक्रिया पूरी होने और नए एग्जामिनेशन कंट्रोलर/चेयरमैन के पदभार संभालने तक आगामी कुछ परीक्षाओं के शेड्यूल में बदलाव हो सकता है।
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