यस बैंक को सुप्रीम कोर्ट का बड़ा झटका: 8,415 करोड़ के AT1 बॉन्ड विवाद पर फैसले से निवेशकों में हड़कंप, शेयर धड़ाम
मुख्य बिंदु
भारतीय शेयर बाजार और बैंकिंग सेक्टर से इस वक्त की सबसे बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। यस बैंक (Yes Bank) के बहुचर्चित 8,415 करोड़ रुपये के ‘एडिशनल टियर-1’ (AT1) बॉन्ड राइट-ऑफ मामले में सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत के इस सख्त रुख के बाद बैंक के शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई है और निवेशकों में हड़कंप मच गया है।
क्या है पूरा मामला और सुप्रीम कोर्ट का फैसला?
साल 2020 में जब यस बैंक गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रहा था, तब बैंक के पुनर्गठन (Reconstruction Scheme) के दौरान 8,415 करोड़ रुपये के AT1 बॉन्ड को पूरी तरह से ‘राइट-ऑफ’ यानी बट्टे खाते में डालकर जीरो कर दिया गया था। इस फैसले के खिलाफ बॉन्डधारकों (Investors) ने बॉम्बे हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटया था।
जनवरी 2023 में बॉम्बे हाईकोर्ट ने बॉन्डधारकों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए इस राइट-ऑफ को अवैध करार दिया था। इसी फैसले के खिलाफ यस बैंक, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी।
अब सुप्रीम कोर्ट ने बॉम्बे हाईकोर्ट के उस फैसले को पूरी तरह बरकरार रखते हुए बैंक और प्रशासन की अपील को खारिज कर दिया है। कोर्ट की इस दो टूक टिप्पणी ने साफ कर दिया है कि निवेशकों के अधिकारों के साथ हुआ यह कदम कानूनी रूप से टिक नहीं सका।
शेयरों में क्यों मचा कोहराम? एक झटके में टूटा स्टॉक
सुप्रीम कोर्ट के इस झटके के बाद यस बैंक के शेयरों में भारी बिकवाली देखने को मिली:
- इंट्राडे में भारी गिरावट: कारोबार के दौरान यस बैंक का शेयर करीब 20% तक टूटकर 16.96 रुपये के निचले स्तर तक फिसल गया था।
- बैंक पर वित्तीय दबाव: जानकारों का मानना है कि इस फैसले से बैंक पर अचानक बड़ा वित्तीय और देनदारी का दबाव आ सकता है, जिसका असर निवेशकों के सेंटीमेंट पर साफ दिखाई दे रहा है।
एक तरफ जहां आम शेयरधारकों और बैंक के लिए यह एक बड़ा झटका है, वहीं दूसरी तरफ उन बॉन्डधारकों के लिए यह एक बड़ी कानूनी जीत साबित हुई है जिन्होंने अपने पैसे के लिए लंबी लड़ाई लड़ी है।
Supreme Bank Verdict on Yes Bank AT1 Bond
यह वीडियो इस पूरे सुप्रीम कोर्ट के फैसले और बॉन्डधारकों पर इसके असर को विस्तार से समझाता है।
YouTube वीडियो देखने से जुड़ी जानकारी, YouTube पर की गई आपकी गतिविधियों के इतिहास में सेव की जाएगी. YouTube आपका डेटा, अपनी सेवा की शर्तों के तहत सेव और इस्तेमाल करेगा
यह भी पढ़े
Netflix Layoffs 2026: नेटफ्लिक्स में सबसे बड़ी छंटनी, 1000 कर्मचारियों की जाएगी नौकरी
