‘बाप से भी दो कदम आगे’: वीरेंद्र सहवाग के बेटे आर्यवीर ने मैदान पर मचाया कोहराम, 143 गेंदों में ठोके 173 रन और जड़े ताबड़तोड़ छक्के-चौके
मुख्य बिंदु
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व विस्फोटक और खूंखार ओपनर वीरेंद्र सहवाग (Virender Sehwag) की आक्रामक बल्लेबाजी शैली से तो पूरी दुनिया वाकिफ है, लेकिन अब उनके खून में दौड़ता वही क्रिकेट का जुनून और आक्रामकता उनके बेटे आर्यवीर सहवाग के बल्ले से मैदान पर साफ नजर आ रही है।
वीनू मांकड़ ट्रॉफी (Vinoo Mankad Trophy) के एक मुकाबले में दिल्ली अंडर-19 टीम की कप्तानी कर रहे आर्यवीर सहवाग ने चंडीगढ़ के खिलाफ मैदान पर ऐसा तहलका मचाया कि विरोधी गेंदबाजों के पसीने छूट गए। उन्होंने अपनी इस तूफानी पारी से साबित कर दिया कि वह ‘बाप से भी बढ़कर’ साबित होने वाले हैं।
19 चौके और 8 छक्के: आर्यवीर की आंधी में उड़े गेंदबाज
चंडीगढ़ के खिलाफ खेले गए इस मुकाबले में दिल्ली की शुरुआत तो अच्छी रही, लेकिन एक छोर से लगातार विकेट गिरते रहे। ऐसे में कप्तान आर्यवीर सहवाग ने क्रीज पर कदम रखते ही ऐसा गदर काटा कि मैच का रुख ही बदल गया:
- विस्फोटक शतकीय पारी: आर्यवीर ने महज 143 गेंदों का सामना करते हुए 173 रनों की ऐतिहासिक और यादगार पारी खेली।
- बाउंड्री की बरसात: अपनी इस शानदार पारी के दौरान उन्होंने मैदान के चारों तरफ शॉट लगाते हुए 19 शानदार चौके और 8 गगनचुंबी छक्के जड़े। यानी अकेले बाउंड्री के दम पर उन्होंने 124 रन कूट डाले।
- कप्तान के तौर पर जिम्मेदारी: एक छोर से विकेट गिरने के बावजूद उन्होंने शांतनु यादव (नाबाद 27) और अन्य खिलाड़ियों के साथ अहम साझेदारियां करते हुए टीम के स्कोर को 50 ओवरों में 6 विकेट पर 289 रन तक पहुंचाया।
क्या सहवाग की तरह इंटरनेशनल क्रिकेट पर राज करेंगे आर्यवीर?
वीरेंद्र सहवाग अपने समय में गेंदबाजों के लिए खौफ का दूसरा नाम हुआ करते थे। अब उनके बेटे आर्यवीर जिस तरह घरेलू और अंडर-19 सर्किट (जैसे दिल्ली प्रीमियर लीग और वीनू मांकड़ ट्रॉफी) में अपनी छाप छोड़ रहे हैं, उसे देखकर क्रिकेट पंडितों का मानना है कि वह दिन दूर नहीं जब यह युवा स्टार टीम इंडिया की जर्सी में विपक्षी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाता नजर आएगा।
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