🚨 Semiconductor & Chip Manufacturing Updates: भारत में सेमीकंडक्टर हब के निर्माण को लेकर नई बड़ी घोषणाएं, जानिए क्या है प्लान
भारत को ग्लोबल सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में सरकार और प्रमुख टेक कंपनियों ने बड़े कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। देश में चिप डिजाइन, फैब्रिकेशन (Fab) और पैकेजिंग यूनिट्स को तेजी से धरातल पर उतारने के लिए नई औद्योगिक नीतियों और इंसेंटिव्स का ऐलान किया गया है। आने वाले समय में टेक, ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स सेक्टर पर इसका बहुत बड़ा असर देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं इस ताजा अपडेट की खास बातें।
मुख्य बिंदु
सेमीकंडक्टर मिशन और नए प्रोजेक्ट्स में क्या है खास?
ग्लोबल सप्लाई चेन में भारत की स्थिति मजबूत करने के लिए सरकार ने निम्नलिखित रणनीतियों पर जोर दिया है:
- घरेलू फैब्रिकेशन यूनिट्स: देश के अलग-अलग राज्यों (जैसे गुजरात और ओडिशा) में लग रहे नए सेमीकंडक्टर प्लांट्स के निर्माण कार्य में तेजी लाई जा रही है।
- डिजाइन लिंक्ड इंसेंटिव (DLI): स्टार्टअप्स और ग्लोबल डिजाइन कंपनियों को भारत में चिप डिजाइनिंग के लिए विशेष वित्तीय सहायता और टैक्स छूट दी जा रही है।
- स्किल डेवलपमेंट और वर्कफोर्स: अगले कुछ वर्षों में इस सेक्टर के लिए लाखों इंजीनियरों और तकनीकी विशेषज्ञों को तैयार करने के लिए विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किए गए हैं।
टेक्नोलॉजी और बिजनेस मार्केट पर प्रभाव
चिप मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में भारत के आत्मनिर्भर होने से ऑटोमोबाइल, स्मार्टफोन, कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स और डेटा सेंटर्स के लिए चीप और स्थानीय स्तर पर पार्ट्स उपलब्ध होंगे। इससे ग्लोबल कंपनियों के लिए भारत एक भरोसेमंद मैन्युफैक्चरिंग डेस्टिनेशन के रूप में उभर रहा है।
