जिस ‘रामायण’ ने रचा इतिहास, उसे डिज्नी ने कर दिया था रिजेक्ट! शॉर्ट्स पहनकर मीटिंग में पहुंचे थे रामानंद सागर, ललित मोदी का बड़ा खुलासा
मुख्य बिंदु
भारतीय टेलीविजन के इतिहास में रामानंद सागर की ‘रामायण’ एक ऐसा धारावाहिक है, जिसने सफलता के सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए और घर-घर में अमर हो गया। इस आइकॉनिक शो के बारे में हर कोई जानता है कि इसने किस तरह भारतीय दर्शकों के दिलों पर राज किया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एक समय ऐसा भी था जब दुनिया के दिग्गज मीडिया हाउस ‘डिज्नी’ ने इस ऐतिहासिक शो को फाइनेंस करने से साफ इनकार कर दिया था?
हाल ही में आईपीएल के संस्थापक और पूर्व चेयरमैन ललित मोदी ने एक पॉडकास्ट में इस बात का चौंकाने वाला खुलासा किया है कि आखिर क्यों डिज्नी ने रामानंद सागर के इस मेगा प्रोजेक्ट को ठुकरा दिया था।
ललित मोदी ने साझा किया दिलचस्प किस्सा
द भारत इंक को दिए एक इंटरव्यू में ललित मोदी ने बताया कि उस दौर में दूरदर्शन कार्यक्रमों को खुद फाइनेंस नहीं करता था, बल्कि निर्माताओं को इसके लिए पैसे देने पड़ते थे। उस समय रामानंद सागर ‘रामायण’ के लिए और बीआर चोपड़ा ‘महाभारत’ के लिए फंडिंग चाहते थे और दोनों ने ललित मोदी से संपर्क किया था।
डिज्नी को शामिल करना चाहते थे ललित मोदी
- ललित मोदी का कहना है कि वे इन प्रोजेक्ट्स को फाइनेंस करने के लिए तैयार थे और उन्होंने डिज्नी कंपनी के सामने रामानंद सागर के साथ मिलकर इस शो को को-प्रोड्यूस करने का प्रस्ताव रखा था।
- हालांकि, शुरुआत में डिज्नी के अधिकारियों ने हितों के टकराव (Conflict of Interest) का हवाला देते हुए इसमें दिलचस्पी नहीं दिखाई थी, क्योंकि उनका मुख्य काम अपने खुद के प्रोग्राम बेचना था।
- काफी मान-मनौव्वल के बाद, ललित मोदी ने डिज्नी के अधिकारियों को रामानंद सागर की 1 करोड़ रुपये की मांग पूरी करने और शो के अधिकार हासिल करने के लिए राजी किया, जिसके बाद डिज्नी के अधिकारी भारत आए।
मीटिंग में क्या हुआ था? क्यों रिजेक्ट हुआ शो?
जब डिज्नी के बड़े अधिकारी अपनी प्राइवेट जेट से एक बड़े डेलिगेशन के साथ भारत पहुंचे, तो वहां एक ऐसी घटना हुई जिसकी किसी ने कल्पना नहीं की थी।
रामानंद सागर का पहनावा और भाषा बनी वजह
- ललित मोदी ने बताया कि उस दौर की कॉर्पोरेट और हाई-प्रोफाइल बैठकों में लोग सूट-बूट पहनकर और एक सोफिस्ट्रेटेड प्रेजेंटेशन के साथ आते थे।
- लेकिन रामानंद सागर उस महत्वपूर्ण मीटिंग में शॉर्ट्स (हाफ पैंट) पहनकर पहुंच गए थे।
- इसके अलावा, भाषा की कुछ अड़चनों के कारण रामानंद सागर और डिज्नी के अधिकारियों के बीच बातचीत पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई, जिससे वे विदेशी अधिकारियों पर अपनी कोई खास छाप नहीं छोड़ पाए।
- डिज्नी के अधिकारियों को उस समय यह समझ नहीं आया कि भारतीय टेलीविजन पर पौराणिक कथाओं (Mythology) का यह प्रोजेक्ट किस तरह काम करेगा, क्योंकि तब तक भारत में इस स्तर पर ऐसा कुछ नहीं बना था।
- स्थिति ऐसी बन गई थी कि डिज्नी के तत्कालीन अध्यक्ष उस कमरे से तुरंत बाहर निकलना चाहते थे।
अंततः डिज्नी इस प्रोजेक्ट से पीछे हट गई। हालांकि, बाद में जब यह शो दूरदर्शन पर प्रसारित हुआ, तो इसने सफलता के सारे रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए और इतिहास रच दिया।
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