स्कूली किताबों में भयंकर गलतियों पर उबाल: ओडिशा में किसान संगठनों ने किया ‘बंद’, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
ओडिशा: ओडिशा में राज्य सरकार द्वारा प्रकाशित स्कूली किताबों में इतिहास और भूगोल से जुड़ी गंभीर त्रुटियां पाए जाने के बाद से राज्यभर में भारी आक्रोश है। इस मामले के विरोध में आज विभिन्न किसान संगठनों ने ओडिशा में ‘बंद’ का आह्वान किया है, जिसका जनजीवन पर काफी असर देखने को मिल रहा है। किसान संगठनों और छात्रों के अभिभावकों ने इन त्रुटियों को जानबूझकर किया गया कृत्य बताते हुए राज्य के शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की है।
1. क्या है पूरा मामला? स्कूली किताबों में मिली गंभीर त्रुटियां
विवाद तब शुरू हुआ जब पता चला कि ओडिशा के सरकारी स्कूलों में वितरित की गई कक्षा 9 और 10 की किताबों में पढ़ाई जा रही इतिहास और भूगोल की जानकारी में भारी फेरबदल किया गया है:
- गलत इतिहास: इन किताबों में कई ऐतिहासिक तथ्यों को गलत ढंग से पेश किया गया है।
- भूगोल से खिलवाड़: बताया जा रहा है कि राज्य के मानचित्र और महत्वपूर्ण भौगोलिक स्थानों की जानकारी भी गलत दी गई है, जिससे छात्रों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई है।
- जिम्मेदारी पर सवाल: इतनी बड़ी संख्या में तथ्यात्मक गलतियों ने राज्य की शिक्षा प्रणाली और पाठ्यपुस्तक ब्यूरो की कार्यशैली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
2. किसान संगठनों का कड़ा विरोध: ‘बंद’ का ऐलान
छात्रों के भविष्य के साथ इस तरह के खिलवाड़ को लेकर किसान संगठनों ने मोर्चा खोल दिया है। राज्य के विभिन्न हिस्सों में किसान यूनियनों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया और आज ‘ओडिशा बंद’ को सफल बनाने का आह्वान किया।
- व्यापक असर: बंद के दौरान कई जगहों पर दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे, और सार्वजनिक परिवहन की आवाजाही पर भी आंशिक असर पड़ा है।
- अभिभावकों का समर्थन: किसान संगठनों को छात्रों के माता-पिता और नागरिक समाज के अन्य वर्गों का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है, जो सरकार की इस लापरवाही से बेहद खफा हैं।
3. शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
विरोध प्रदर्शन कर रहे किसान नेताओं और अभिभावकों का आरोप है कि यह लापरवाही अक्षम्य है। उन्होंने इसे राज्य की आने वाली पीढ़ियों के साथ विश्वासघात बताया है।
- आक्रोश का केंद्र: प्रदर्शनकारियों का सारा गुस्सा राज्य के शिक्षा मंत्री पर केंद्रित है। उनका मानना है कि इतनी बड़ी चूक के लिए मंत्री नैतिक रूप से जिम्मेदार हैं।
- सख्त रुख: किसान संगठनों ने साफ कर दिया है कि जब तक शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। वे सरकार से इन त्रुटिपूर्ण किताबों को वापस लेने और मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने की भी मांग कर रहे हैं।
यह भी पढ़े
LPU में बवाल के बाद बड़ा एक्शन: नेशनल हाईवे जाम करने वाले छात्रों पर पुलिस ने दर्ज की FIR
