IRDAI New Rules: बीमाधारकों के लिए बड़े बदलाव, आईआरडीएआई ने क्लेम सेटलमेंट और डिजिटल बीमा को लेकर जारी किए नए निर्देश
मुख्य बिंदु
बिजनेस न्यूज: बीमा सेक्टर के नियामक भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने पॉलिसीधारकों के हितों को ध्यान में रखते हुए कई बड़े और अहम बदलाव किए हैं। इन नए दिशा-निर्देशों का उद्देश्य बीमा क्लेम प्रक्रिया को तेज करना, पारदर्शिता बढ़ाना और आम जनता के लिए बीमा को अधिक सुलभ बनाना है।
1. क्लेम सेटलमेंट प्रक्रिया में तेजी
- तय समयसीमा: आईआरडीएआई ने सभी बीमा कंपनियों को निर्देश दिया है कि वे दस्तावेजों के पूरे होने के बाद स्वास्थ्य और मोटर बीमा क्लेम का निपटारा तय समय के भीतर करें। देरी होने पर कंपनियों को ब्याज देना पड़ सकता है।
- कम कागजी कार्रवाई: डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के उपयोग को बढ़ावा देते हुए अब क्लेम प्रक्रिया में अनावश्यक कागजी दस्तावेजों की मांग को कम किया गया है, जिससे ग्राहकों को राहत मिलेगी।
2. डिजिटल बीमा और पारदर्शिता
- सरल नियम और शर्तें: नियामक ने कंपनियों से कहा है कि वे पॉलिसियों के बॉन्ड और नियम-शर्तों को बेहद आसान और सरल भाषा (क्षेत्रीय भाषाओं सहित) में ग्राहकों को उपलब्ध कराएं।
- फ्रॉड पर लगाम: डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने और फर्जीवाड़े को रोकने के लिए केवाईसी (KYC) और ऑनलाइन सत्यापन की प्रक्रिया को और अधिक सुरक्षित बनाया गया है।
3. ग्राहकों के लिए क्या है खास?
- शिकायत निवारण तंत्र: बीमा कंपनियों को ओम्बुड्समैन (Ombudsman) और शिकायत निवारण प्रणाली को अधिक सक्रिय और पारदर्शी बनाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि ग्राहकों के विवादों का जल्द समाधान हो सके।
- बेहतर विकल्प: इन नए सुधारों से बीमा बाजार में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और ग्राहकों को उनकी जरूरत के अनुसार बेहतर विकल्प मिल सकेंगे।
