FPI का कोहराम: साल 2026 में विदेशी निवेशकों ने निकाले रिकॉर्ड 3.08 लाख करोड़, शेयर बाजार में भारी बिकवाली के पीछे ये हैं सबसे बड़े कारण
मुख्य बिंदु
भारतीय शेयर बाजार में विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की बिकवाली का दौर लगातार जारी है, जिससे बाजार में हड़कंप मच गया है। विदेशी निवेशकों ने भारतीय इक्विटी बाजार से ताबड़तोड़ पैसा निकालना शुरू कर दिया है, जिससे निवेशकों की चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। आइए जानते हैं कि इस महा-बिकवाली और बाजार में मची भगदड़ के पीछे मुख्य वजहें क्या हैं।
2026 में FPI की रिकॉर्ड निकासी के आंकड़े
- अक्टूबर महीने में बड़ा झटका: विदेशी निवेशकों ने अक्टूबर के दौरान भारतीय शेयर बाजार से बड़े पैमाने पर पैसा निकाला है, जिससे केवल इस महीने में निकासी का आंकड़ा 48,056 करोड़ रुपये के पार पहुंच गया है।
- साल का कुल आंकड़ा 3 लाख करोड़ पार: साल 2026 में अब तक FPI भारतीय बाजारों से कुल मिलाकर रिकॉर्ड 3.08 लाख करोड़ रुपये की निकासी कर चुके हैं, जो पिछले साल की तुलना में काफी ज्यादा है।
शेयर बाजार में भारी बिकवाली और भगदड़ के सबसे बड़े कारण
- कच्चे तेल (Crude Oil) की ऊंची कीमतें: ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल के दाम लगातार ऊंचे बने हुए हैं, जिससे भारत जैसी अर्थव्यवस्था के लिए आयात लागत और राजकोषीय घाटे का दबाव बढ़ गया है।
- कमजोर कॉर्पोरेट कमाई और महंगाई: कंपनियों के तिमाही नतीजों को लेकर अनिश्चितता और बढ़ती महंगाई की चिंताओं ने विदेशी निवेशकों को सतर्क रहने पर मजबूर कर दिया है।
- अमेरिका में ऊंची ब्याज दरें: अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों और वहां की ऊंची ब्याज दरों के कारण ग्लोबल इन्वेस्टर्स का रुख अमेरिकी परिसंपत्तियों (American Assets) की तरफ अधिक है।
- जियो पॉलिटिकल तनाव और वैश्विक कारण: मिडिल ईस्ट समेत दुनिया के अन्य हिस्सों में बढ़ते तनाव और वैश्विक पोर्टफोलियो में रीएलोकेशन (बदलाव) के कारण भी भारतीय बाजार पर लगातार दबाव बना हुआ है।
घरेलू मोर्चों पर निवेशकों को यह उम्मीद है कि डीआईआई (DII) और एसआईपी (SIP) के जरिए आ रहा निरंतर निवेश इस बिकवाली के असर को कुछ हद तक संतुलित करने में मददगार साबित हो रहा है।
