CM Sukhu Big Decision: हिमाचल के स्कूलों में 1st क्लास से अनिवार्य होगी नैतिक शिक्षा, 4800 पदों पर भर्ती प्रक्रिया तेज
मुख्य बिंदु
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू (CM Sukhvinder Singh Sukhu) ने राज्य की स्कूली शिक्षा प्रणाली में बड़े बदलावों और सुधारों को लेकर महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। राज्य सरकार अब प्राथमिक स्तर से ही बच्चों के नैतिक और मानसिक विकास पर विशेष जोर देने जा रही है। इसके तहत अगले शैक्षणिक सत्र से पहली कक्षा से ही नैतिक शिक्षा (Value Education) को अनिवार्य विषय के रूप में शामिल किया जाएगा।
पहली कक्षा से अनिवार्य होगी नैतिक शिक्षा, तैयार हो रहा पाठ्यक्रम
- पाठ्यक्रम निर्माण जारी: मुख्यमंत्री सुक्खू ने काजा में विद्यार्थियों से संवाद करते हुए स्पष्ट किया कि बच्चों में नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए एक नया और विशेष पाठ्यक्रम (Syllabus) तैयार किया जा रहा है।
- अगले सत्र से लागू: नए शैक्षणिक सत्र से प्रदेश के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में पहली कक्षा से ही नैतिक शिक्षा पढ़ाना अनिवार्य कर दिया जाएगा।
शिक्षा विभाग में 4,800 पदों पर बंपर भर्ती, शिक्षकों की होगी तैनाती
- 4800 पदों पर भर्ती प्रक्रिया तेज: राज्य के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के खाली पदों को भरने के लिए मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद 4,800 से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया में तेजी ला दी गई है।
- CBSE स्कूलों में नियुक्तियां: राज्य के 151 सरकारी सीबीएसई स्कूलों में 1,359 से अधिक विभिन्न शैक्षणिक पदों पर भर्ती की जा रही है, जिसमें वाणिज्य (Commerce) और अन्य विषयों के शिक्षकों को 5 साल के अनुबंध/तैनाती पर रखा जा रहा है और ₹25,000 तक का मासिक मानदेय दिया जाएगा।
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