इतिहास की सबसे बड़ी क्रिप्टो हैकिंग: दुनिया के सबसे बड़े एक्सचेंज बाइनेंस से ₹50,000 करोड़ चोरी, बाजार में मची खलबली
मुख्य बिंदु
क्रिप्टोकरंसी की दुनिया में अब तक का सबसे बड़ा सुरक्षा संकट सामने आया है। दुनिया के सबसे बड़े क्रिप्टो प्लेटफॉर्म बाइनेंस (Binance) पर इतिहास का सबसे बड़ा साइबर हमला हुआ है, जिसमें हैकर्स ने करीब $5.3 अरब से $5.9 अरब डॉलर (लगभग 50,000 करोड़ रुपये) मूल्य की क्रिप्टो संपत्ति उड़ा दी है। इस घटना के सामने आते ही वैश्विक क्रिप्टो बाजार में हड़कंप मच गया है और निवेशकों के बीच भारी अफरा-तफरी का माहौल बन गया है।
1. हैकर्स का बड़ा हमला और बाइनेंस का एक्शन
- निकासी (Withdrawal) पर लगी अस्थाई रोक: हैकिंग की पुष्टि होते ही बाइनेंस ने सुरक्षात्मक कदम उठाते हुए प्लेटफॉर्म से सभी तरह के क्रिप्टो डिपॉजिट और विड्रॉल को तुरंत प्रभाव से रोक दिया है।
- फंड्स की सुरक्षा और भरपाई का आश्वासन: बाइनेंस ने उपयोगकर्ताओं को भरोसा दिया है कि उनके फंड पूरी तरह से सुरक्षित हैं। नुकसान की भरपाई कंपनी के पास सुरक्षित आपातकालीन ‘SAFU Fund’ और अपने कॉर्पोरेट रिजर्व के जरिए 100% की जाएगी।
- 3 अरब डॉलर की संपत्ति फ्रीज: वैश्विक ब्लॉकचेन नेटवर्क और जारीकर्ताओं की मदद से बाइनेंस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चोरी हुई संपत्ति में से करीब 3 अरब डॉलर मूल्य के क्रिप्टो को ब्लॉकचेन पर फ्रीज करवा दिया है।
2. जांच और क्रिप्टो मार्केट पर गंभीर असर
- इंजीनियर के सिस्टम से सेंधमारी: फॉरेंसिक जांच की शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक, यह सुरक्षा चूक बाइनेंस के एक वरिष्ठ देवऑप्स (DevOps) इंजीनियर के सिस्टम/लैपटॉप के कंप्रोमाइज होने से जुड़ी मानी जा रही है।
- बिटकॉइन और अन्य कॉइन्स में भारी गिरावट: इस खबर के बाहर आते ही क्रिप्टो मार्केट में तीखी बिकवाली देखने को मिली, जिससे बिटकॉइन (Bitcoin), एथेरियम (Ether) और बाइनेंस कॉइन (BNB) समेत सभी प्रमुख डिजिटल संपत्तियों के भाव तेजी से नीचे गिर गए।
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