Asian Games 2026 Archery History: भारतीय महिला रिकर्व टीम ने एशियाई खेलों में रचा इतिहास, 10 बार की चैंपियन साउथ कोरिया को हराकार जीता स्वर्ण पदक
मुख्य बिंदु
जापान के आइची-नागोया में खेले जा रहे एशियन गेम्स 2026 (Asian Games 2026) में भारतीय तीरंदाजों ने इतिहास रच दिया है। भारतीय महिला रिकर्व तीरंदाजी टीम ने खिताबी मुकाबले में दुनिया की दिग्गज और 10 बार की ओलंपिक चैंपियन साउथ कोरिया को शिकस्त देकर पहली बार स्वर्ण पदक अपने नाम किया है।
आइए जानते हैं एशियन गेम्स में तीरंदाजी से जुड़ी इस ऐतिहासिक और बड़ी सफलता की पूरी डिटेल्स:
1. महिला रिकर्व टीम का ऐतिहासिक स्वर्ण पदक
- साउथ कोरिया को दी मात: भारत की अनुभवी तीरंदाज अंकिता भकत, कीर्ति शर्मा और 17 वर्षीय कुमकुम मोहोड की तिकड़ी ने बेहद कड़े और हवा के विपरीत हालातों में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने फाइनल मुकाबले में पावरहाउस साउथ कोरिया को 5-3 से हराकर सनसनीखेज जीत दर्ज की।
- महिला रिकर्व में पहला गोल्ड: एशियन गेम्स के इतिहास में महिला रिकर्व टीम इवेंट में भारत का यह पहला स्वर्ण पदक है। इससे पहले हांगझोऊ 2023 एशियाई खेलों में इस स्पर्धा में भारत को कांस्य पदक मिला था, जिसे इस बार बेटियों ने स्वर्ण में बदल दिया।
2. फाइनल मुकाबले का रोमांचक सफर
- कांटे की टक्कर: मुकाबला बेहद रोमांचक रहा जहां शुरुआती सेटों में दोनों टीमों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। तीसरे और चौथे सेट में भारतीय खिलाड़ियों ने धैर्य और सटीक निशानों के दम पर बढ़त बनाई और अंततः कोरियाई वर्चस्व को तोड़ते हुए इतिहास रच दिया।
- शानदार सफर: इस मुकाम तक पहुंचने के लिए भारतीय महिला टीम ने मंगोलिया और चीनी ताइपे को 6-0 से हराने के बाद सेमीफाइनल में मजबूत चीन को 5-1 से मात दी थी।
3. कंपाउंड तीरंदाजी में भी रहा भारत का क्लीन स्वीप
- इससे पहले एशियाई खेलों में कंपाउंड वर्ग के मुकाबलों में भी भारतीय तीरंदाजों ने कमाल का प्रदर्शन करते हुए सभी उपलब्ध टीम गोल्ड मेडल अपने नाम किए थे।
- मिक्स्ड टीम इवेंट में शानदार जीत के साथ भारत ने लॉस एंजिल्स ओलिंपिक (LA 2028) के लिए बहुमूल्य कोटा भी हासिल किया है, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय तीरंदाजी का डंका बज उठा है।
