Mission Shakti: 1 दिन की थानाध्यक्ष बनीं छात्राएं, सुनी शिकायतें

मिशन शक्ति: 1 दिन की थानाध्यक्ष बनीं छात्राएं, ‘मैडम इंस्पेक्टर फात्मा’ और अनन्या ने संभाली थाने की कमान!

उत्तर प्रदेश में महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा, सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता के लिए चलाए जा रहे ‘मिशन शक्ति’ (Mission Shakti) अभियान के तहत एक बेहद खास और प्रेरणादायक तस्वीर सामने आई है। प्रदेश के विभिन्न जिलों में स्कूली छात्राओं को 1 दिन की थानाध्यक्ष (SHO / थाना प्रभारी) बनाकर पुलिस प्रशासन और कानून व्यवस्था की कार्यप्रणाली से रूबरू कराया गया।

1 दिन की पुलिस अफसर बनीं नन्हीं छात्राएं

‘मिशन शक्ति’ अभियान के तहत कई थानों में छात्राओं को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई:

  • फात्मा (‘मैडम इंस्पेक्टर’): कक्षा 6 की छात्रा फात्मा ने थानेदार की कुर्सी संभालते ही एक असली अधिकारी की तरह फरियादियों की शिकायतों को गंभीरता से सुना और पुलिसकर्मियों को आवश्यक निर्देश दिए।
  • बस्ती में अनन्या बनीं थाना प्रभारी: बस्ती जिले के छावनी थाने में कक्षा 7 की छात्रा अनन्या को 1 दिन का थानाध्यक्ष बनाया गया। अनन्या के नेतृत्व में थाने में ‘पिंक समाधान दिवस’ (Pink Samadhan Diwas) आयोजित किया गया, जिसमें उन्होंने महिला सुरक्षा और आम जनमानस से जुड़ी शिकायतों की सुनवाई की।
  • पिंकी कुमारी को मिली कमान: इसी कड़ी में छात्रा पिंकी कुमारी ने भी थाना प्रभारी की कुर्सी संभालकर फरियादियों की समस्याएं सुनीं और मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों के साथ बातचीत की।

मिशन शक्ति का उद्देश्य और असर

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित मिशन शक्ति का मुख्य उद्देश्य बेटियों के भीतर आत्मविश्वास जगाना और उन्हें अपने अधिकारों व कानून प्रणाली के प्रति जागरूक बनाना है:

  1. नेतृत्व क्षमता का विकास: इस पहल से छात्राओं में निडरता और लीडरशिप की भावना मजबूत होती है।
  2. पुलिस और जनता के बीच भरोसा: थानों में बच्चों को अधिकारी के रूप में कार्य करते देख आम जनता और खासकर महिलाओं में पुलिस के प्रति भरोसा बढ़ता है।
  3. कानूनी जागरूकता: एक दिन के लिए थाने की कमान संभालने से छात्राएं एफआईआर (FIR), जनसुनवाई और पुलिस वर्किंग की बारीकियों को करीब से समझ सकीं।

स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों की इस पहल की हर तरफ सराहना हो रही है, जिससे अन्य छात्राओं को भी आगे बढ़ने और समाज में बदलाव लाने की प्रेरणा मिल रही है।

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