IDBI Bank Disinvestment: देश के सबसे बड़े FDI को कैबिनेट की हरी झंडी, फेयरफैक्स को बिकेगी 60% हिस्सेदारी

IDBI Bank Privatization: देश के सबसे बड़े FDI को कैबिनेट की हरी झंडी, फेयरफैक्स को बिकेगी 60.72% हिस्सेदारी; जानें हर बड़ी बात

मुख्य बिंदु

भारतीय बैंकिंग इतिहास के सबसे बड़े और बहुप्रतिक्षित सौदे को आखिरकार केंद्र सरकार से हरी झंडी मिल गई है। केंद्र सरकार ने आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank Disinvestment) की रणनीतिक बिक्री के तहत इसकी 60.72% हिस्सेदारी कनाडा की दिग्गज कंपनी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स (Fairfax Financial Holdings) को बेचने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह देश के वित्तीय क्षेत्र (Financial Sector) के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) सौदा है।

आईडीबीआई बैंक डील से जुड़ी मुख्य बातें: 15 महत्वपूर्ण बिंदु

इस मेगा डील और इसके प्रभाव से जुड़ी हर महत्वपूर्ण जानकारी नीचे दी गई है:

1. कौन खरीदेगा आईडीबीआई बैंक?

कैबिनेट की मंजूरी के बाद कनाडा के जाने-माने भारतीय मूल के निवेशक प्रेम वत्स (Prem Watsa) की कंपनी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स की सब्सिडियरी इस बैंक में बहुमत हिस्सेदारी खरीदेगी।

2. कितने में तय हुआ है सौदा?

सरकार और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) की कुल 60.72% हिस्सेदारी के लिए यह पूरा सौदा ₹52,878.08 करोड़ में तय हुआ है।

3. सरकार और LIC कितनी हिस्सेदारी बेच रहे हैं?

इस ट्रांजैक्शन के तहत केंद्र सरकार अपनी 30.48% और LIC अपनी 30.24% हिस्सेदारी बेचेगी।

4. बिक्री के बाद सरकार और LIC के पास कितनी हिस्सेदारी बचेगी?

इस डील के पूरा होने के बाद भी सरकार और एलआईसी पूरी तरह बाहर नहीं हो रहे हैं। सरकार के पास बैंक की 15% और एलआईसी के पास 19% हिस्सेदारी बनी रहेगी (दोनों की संयुक्त हिस्सेदारी 34% होगी)।

5. वित्तीय इतिहास का सबसे बड़ा FDI

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, यह भारत के वित्तीय क्षेत्र के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा FDI (Foreign Direct Investment) है, जो देश के बैंकिंग सिस्टम पर वैश्विक निवेशकों के मजबूत भरोसे को दर्शाता है।

6. बैंक के ग्राहकों और डिपॉजिटर्स पर क्या असर होगा?

बैंक के मालिकाना हक में बदलाव से आम ग्राहकों के खातों, लोन और एफडी पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा। आपके पैसे पूरी तरह सुरक्षित हैं। बल्कि, प्राइवेट मैनेजमेंट आने से डिजिटल सेवाएं और बेहतर होने की उम्मीद है।

7. कर्मचारियों का क्या होगा?

कर्मचारियों के हितों की रक्षा के लिए तय नियमों और शर्तों के तहत ही इस रणनीतिक पुनर्गठन को आगे बढ़ाया जा रहा है।

8. शेयर बाजार और निवेशकों पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

इस बड़ी खबर के सामने आने के बाद से आईडीबीआई बैंक के शेयरों में निवेशकों की भारी दिलचस्पी देखी जा रही है। विश्लेषकों का मानना है कि फेयरफैक्स के आने से बैंक को नया ग्लोबल मैनेजमेंट और मजबूत पूंजी मिलेगी।

9. कितने साल में पूरी हुई प्रक्रिया?

सरकार ने अक्टूबर 2022 में आईडीबीआई बैंक के विनिवेश की औपचारिक शुरुआत की थी। शुरुआती बोलियों में कुछ अड़चनों और नियमों के कारण इसमें देरी हुई, जिसे अब नए सिरे से अंतिम रूप दिया गया है।

10. क्या फेयरफैक्स को ओपन ऑफर भी देना होगा?

रेगुलेटरी नियमों के तहत रणनीतिक खरीदार (Fairfax) को अन्य अल्पसंख्यक (Minority) शेयरधारकों के लिए भी ओपन ऑफर लाना होगा।

11. आरबीआई (RBI) के नियमों का क्या होगा?

चूंकि फेयरफैक्स की पहले से ही सीएसबी बैंक (CSB Bank) में हिस्सेदारी है, इसलिए आरबीआई के नियमों के अनुसार उन्हें या तो सीएसबी बैंक का आईडीबीआई बैंक में विलय करना होगा या फिर दो साल के भीतर अपनी एक जगह की हिस्सेदारी बेचनी होगी।

12. बैंक की वित्तीय स्थिति कैसी है?

पिछले कुछ सालों में आईडीबीआई बैंक की सेहत में सुधार हुआ है। आरबीआई के पीसीए (PCA) फ्रेमवर्क से बाहर आने के बाद बैंक ने लगातार मजबूत वित्तीय प्रदर्शन किया है और इसका कैपिटल एडिक्वेसी रेशियो भी सुधरा है।

13. इस डील का सरकार के राजकोष पर क्या असर होगा?

इस मेगा विनिवेश से मिलने वाली भारी-भरकम राशि से सरकार के राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को कम करने और कल्याणकारी योजनाओं में धन जुटाने में मदद मिलेगी।

14. क्या आगे चलकर ब्रांड नेम बदलेगा?

फिलहाल बैंक के नाम और ब्रांड पहचान को लेकर कंपनी या सरकार की ओर से आधिकारिक तौर पर कोई बदलाव की घोषणा नहीं की गई है, बैंक अपने पुराने भरोसेमंद नाम से ही काम करता रहेगा।

15. आगे की प्रक्रिया क्या होगी?

कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद अब शेयर परचेस एग्रीमेंट (SPA) और अन्य विनियामक औपचारिकताओं (Regulatory Approvals) को पूरा किया जाएगा, जिसके बाद यह सौदा पूरी तरह जमीन पर उतरेगा।

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