RBI Action on Dollar: रिकॉर्ड निचले स्तर से कैसे पलटी रुपये की किस्मत? जानिए कैसे मजबूत हुई करेंसी

डॉलर पर RBI का बड़ा शिकंजा: रिकॉर्ड निचले स्तर से ऐसे पलटी रुपये की किस्मत, जानिए कैसे मजबूत हुई करेंसी

भारतीय विदेशी मुद्रा बाजार (Foreign Exchange Market) में पिछले कुछ दिनों से जारी भारी उथल-पुथल के बीच भारतीय रुपये (Indian Rupee) ने जबरदस्त वापसी की है। डॉलर के मुकाबले अपने रिकॉर्ड निचले स्तर के करीब फिसलने के बाद, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के कड़े और रणनीतिक कदमों के चलते रुपये की किस्मत अचानक बदल गई है और इसमें शानदार रिकवरी देखने को मिली है।

1. रिकॉर्ड निचले स्तर से कैसे उबरा रुपया?

  • स्पॉट मार्केट में आरबीआई का हस्तक्षेप: डॉलर के मुकाबले रुपया टूटने की कगार पर था, जिसके बाद केंद्रीय बैंक (RBI) ने समय पर कदम उठाते हुए विदेशी मुद्रा बाजार में कड़ा हस्तक्षेप किया और बिकवाली के दबाव को थामा।
  • सहायक कदमों का असर: आरबीआई द्वारा उठाए गए कई विशेष और सहायक कदमों के बाद निवेशकों और ट्रेडर्स की घबराहट कम हुई, जिससे रुपये को महत्वपूर्ण सपोर्ट मिला और यह निचले स्तरों से मजबूती के साथ उछला।

2. रुपये को संभालने के लिए RBI ने क्या बड़े कदम उठाए हैं?

भारतीय मुद्रा को स्थिरता देने और सट्टेबाजी (Speculation) पर लगाम लगाने के लिए आरबीआई ने कई बड़े और दूरदर्शी उपाय किए हैं:

  1. ऑयल कंपनियों के लिए स्पेशल डॉलर विंडो: आरबीआई ने सरकारी तेल विपणन कंपनियों (OMCs) की डॉलर की मांग को पूरा करने के लिए एक विशेष खिड़की (Special Window) शुरू की है, जिससे सीधे बाजार में डॉलर की कमी का दबाव कम हुआ है।
  2. फॉरेक्स डेरिवेटिव नियमों में सख्ती: मुद्रा बाजार में अनावश्यक सट्टेबाजी को रोकने और डेरिवेटिव गतिविधियों को वास्तविक आर्थिक जरूरतों से जोड़ने के लिए नियमों को कड़ा किया गया है।
  3. नीतिगत रुख में बदलाव: केंद्रीय बैंक द्वारा वैश्विक महंगाई और ऊर्जा कीमतों के जोखिमों को देखते हुए अपने नीतिगत रुख को अधिक संतुलित और सख्त किया गया है, जिससे बाजार में सकारात्मक संदेश गया है।

3. जानकारों और एक्सपर्ट्स की राय

  • अस्थिरता पर लगाम: वित्तीय बाजार के जानकारों का मानना है कि आरबीआई के इन कड़े उपायों से न सिर्फ रुपये को तुरंत सहारा मिला है, बल्कि आने वाले दिनों में अत्यधिक उतार-चढ़ाव (Excessive Volatility) पर भी रोक लगेगी।
  • लंबी अवधि का नजरिया: हालांकि वैश्विक स्तर पर मजबूत डॉलर और कच्चे तेल की कीमतों के कारण चुनौतियां बनी हुई हैं, लेकिन केंद्रीय बैंक के कदमों से यह साफ है कि रुपये के व्यवस्थित और सुचारू उतार-चढ़ाव को बनाए रखने के लिए पूरी ताकत झोंकी जा रही है।

यह भी पढ़े

Gold Silver Price Drop: सोने और चांदी के दामों में आई भारी गिरावट, 24 कैरेट सोना ₹1.48 लाख पर आया

Sensex Nifty Market Crash: शेयर बाजार में तूफानी शुरुआत के बाद भारी गिरावट, जानें क्यों बिगड़ा मूड

Leave a Comment