JPSC घोटाला: OMR शीट में हेरफेर के मिले पुक्के सबूत, CID 19 अक्टूबर से पहले दाखिल करेगी अंतिम चार्जशीट
मुख्य बिंदु
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की परीक्षाओं में हुई धांधली और अनियमितताओं के मामले में झारखंड सीआईडी (CID) ने अपनी जांच लगभग पूरी कर ली है। जांच एजेंसी को ओएमआर (OMR) शीट में बड़े पैमाने पर छेड़छाड़ और अंकों में फेरबदल किए जाने के पक्के सबूत हाथ लगे हैं। आरोपियों को वैधानिक रूप से डिफॉल्ट बेल (Default Bail) न मिल सके, इसके मद्देनजर सीआईडी द्वारा आगामी 19 अक्टूबर से पहले अदालत में अंतिम चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी कर ली गई है।
1. OMR शीट में हेरफेर और डिजिटल साक्ष्यों की पुष्टि
- ठोस सबूतों की प्राप्ति: सीआईडी की जांच में यह खुलासा हुआ है कि परीक्षाओं के दौरान ओएमआर शीट और अंकों के साथ सोची-समझी साजिश के तहत खिलवाड़ किया गया था।
- फोरेंसिक और डिजिटल जांच पूरी: परीक्षा संचालन से जुड़े डिजिटल उपकरणों, जब्त दस्तावेजों और हार्ड डिस्क की फॉरेंसिक जांच पूरी कर ली गई है, जिन्हें चार्जशीट का मुख्य हिस्सा बनाया जा रहा है।
2. परीक्षा संचालन एजेंसी और सिंडिकेट पर शिकंजा
- टीडीपीएल (TDPL) एजेंसी की भूमिका: इस पूरे रैकेट में परीक्षा संचालन से जुड़ी एजेंसी टीएसआर डेटा प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड (TDPL) के अधिकारियों और कर्मचारियों की संलिप्तता के अहम दस्तावेज सीआईडी के हाथ लगे हैं।
- गिरफ्तारी का दायरा: इस हाई-प्रोफाइल स्कैम में आयोग के तत्कालीन लोगों, बिचौलियों और फर्जी तरीके से चयनित अभ्यर्थियों समेत कई आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। सीआईडी अब सभी कड़ियों को जोड़ते हुए मजबूत चार्जशीट पेश कर रही है।
3. छात्रों के भविष्य और चयन प्रक्रिया पर असर
- पारदर्शिता पर सवाल और सुधार की मांग: जेपीएससी जैसी प्रतिष्ठित संस्था की परीक्षाओं में इस तरह की धांधली सामने आने से राज्य के आम तैयारी करने वाले युवाओं में भारी आक्रोश है।
- न्यायिक प्रक्रिया पर नजर: सीआईडी द्वारा समय पर चार्जशीट दाखिल किए जाने से इस बहुचर्चित मामले में कानूनी कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ेगी और दोषियों को सजा मिलने की उम्मीद है।
