CJP Protest Delhi Restrictions: ’20 हजार जवान, 300 सीसीटीवी और 7 लेयर की बैरिकेडिंग…’, CJP प्रदर्शन से पहले छावनी बनी राष्ट्रीय राजधानी; इंटरनेट और ट्रेनें भी ठप
मुख्य बिंदु
देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर हाई-सिक्योरिटी जोन और कड़े पहरे के साए में है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त (CEC) के खिलाफ प्रस्तावित CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) प्रोटेस्ट को देखते हुए दिल्ली पुलिस और प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो चुका है। प्रदर्शन को रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए राजधानी को पूरी तरह से छावनी में तब्दील कर दिया गया है। चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बलों का कड़ा पहरा है और दिल्ली आने वाले सभी प्रमुख रास्तों पर चौतरफा घेराबंदी कर दी गई है।
आइए जानते हैं CJP प्रोटेस्ट से पहले दिल्ली में सुरक्षा के क्या हैं कड़े इंतजाम और किस तरह के हालात बने हुए हैं:
1. छावनी में तब्दील दिल्ली: 20 हजार जवान और 7 लेयर की बैरिकेडिंग
- भारी पुलिस बल की तैनाती: प्रदर्शन को अनुमति न मिलने के बावजूद संभावित भीड़ को रोकने के लिए दिल्ली में 20 हजार से अधिक सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया गया है। संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
- सुरक्षा के कड़े घेरे: कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए मुख्य इलाकों में 300 से अधिक सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है और सुरक्षा की दृष्टि से 7 लेयर की मजबूत बैरिकेडिंग की गई है। इसके अलावा अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए 12 विशेष डिटेंशन सेंटर भी तैयार किए गए हैं।
2. ट्रेनें रद्द, मेट्रो स्टेशन बंद और इंटरनेट पर पाबंदी
- चौतरफा ट्रांसपोर्ट पर असर: विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर एहतियात के तौर पर दिल्ली आने-जाने वाली कई लंबी दूरी की ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं। इसके साथ ही कई मेट्रो स्टेशनों के एंट्री और एग्जिट गेट बंद कर दिए गए हैं ताकि राजधानी में भीड़ को नियंत्रित किया जा सके।
- इंटरनेट सेवाएं सस्पेंड: सुरक्षा और अफवाहों को रोकने के लिए संवेदनशील इलाकों में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया है, जिससे आम जनजीवन पर भी इसका असर साफ दिखाई दे रहा है।
