Shahdol News: शहडोल में प्रिंसिपल की शिकायत को लेकर सड़कों पर उतरे 150-200 छात्र, कलेक्टर से मिलने के लिए तय किया लंबा पैदल सफर
मुख्य बिंदु
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले से एक हैरान कर देने वाला और शिक्षा व्यवस्था की पोल खोलने वाला मामला सामने आया है। आवासीय विद्यालय (एकलव्य विद्यालय) के हालात से परेशान 150 से 200 छात्र-छात्राएं अपनी प्रिंसिपल की शिकायत लेकर कलेक्ट्रेट की ओर पैदल ही निकल पड़े। छात्र बिना किसी वाहन के मीलों पैदल सफर तय कर कलेक्टर से मिलने जा रहे थे, जिससे प्रशासन और शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया।
आइए जानते हैं शहडोल की इस बड़ी घटना और छात्रों के गुस्से की पूरी वजह के बारे में:
1. क्यों भड़के छात्र? प्रिंसिपल के खिलाफ फूटा गुस्सा
- हॉस्टल की दीवार लांघकर निकले छात्र: स्थिति इतनी बिगड़ गई कि बच्चों को हॉस्टल की दीवार लांघकर बाहर आना पड़ा और उन्होंने कलेक्टर से सीधे अपनी बात रखने का फैसला किया।
- कमिश्नर के दौरे के बाद भी नहीं सुधरे हालात: खबरों के मुताबिक, प्रशासनिक अधिकारियों और कमिश्नर के दौरे के बाद भी आवासीय विद्यालय और हॉस्टल की व्यवस्थाओं में कोई सुधार नहीं हुआ, जिससे छात्रों का सब्र टूट गया।
- 15 किलोमीटर से ज्यादा का पैदल सफर: छात्र अपनी समस्याओं और प्रिंसिपल की कार्यशैली के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने के लिए लगभग 15 से 60 किलोमीटर तक का पैदल सफर तय करने के लिए निकल पड़े।
2. प्रशासन में मचा हड़कंप, मनाने के लिए पीछे दौड़े अधिकारी
- रास्ते में प्रशासन ने रोका: छात्रों के इस तरह अचानक कलेक्ट्रेट की ओर पैदल कूच करने की खबर मिलते ही शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए।
- अधिकारियों की मान-मनौव्वल जारी: बच्चों को रास्ते में ही रोककर समझाने और उनकी समस्याएं सुनने के लिए प्रशासनिक अमला और अधिकारी उनके पीछे-पीछे दौड़ते नजर आए।
Shahdol Students Protest: Eklavya School Students Walk to Collectorate
यह वीडियो शहडोल में छात्रों के इस अनोखे प्रदर्शन और प्रशासनिक अमले की भगदड़ को विस्तार से समझने में मदद करता है।
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