NIRF Rankings 2026: जानिए नए मानदंड और पूरी प्रक्रिया

NIRF Rankings 2026: शिक्षा मंत्रालय जल्द जारी करेगा नई रैंकिंग, जानिए मूल्यांकन के नए मानदंड और पूरी प्रक्रिया

शिक्षा मंत्रालय (Ministry of Education) द्वारा राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क यानी NIRF Rankings 2026 को सितंबर 2026 के मध्य या अंतिम सप्ताह में आधिकारिक तौर पर जारी किए जाने की उम्मीद है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी देश के उच्च शिक्षण संस्थानों की यह 11वीं रैंकिंग सूची जारी करेंगे। छात्र और अभिभावक इसे आधिकारिक वेबसाइट nirfindia.org पर देख सकेंगे।

1. NIRF Rankings 2026: किन 16 श्रेणियों में तय होंगी रैंक्स?

राष्ट्रीय स्तर पर संस्थानों का मूल्यांकन कुल 16 अलग-अलग श्रेणियों में किया जाता है। इनमें प्रमुख श्रेणियां नीचे दी गई हैं:

  • ओवरऑल (Overall)
  • यूनिवर्सिटी (Universities)
  • इंजीनियरिंग (Engineering / BTech)
  • मैनेजमेंट (Management)
  • कॉलेज (Colleges)
  • फार्मेसी (Pharmacy)
  • मेडिकल (Medical)
  • लॉ (Law)
  • आर्किटेक्चर एंड प्लानिंग (Architecture)
  • डेंटल (Dental)
  • रिसर्च इंस्टीट्यूशंस (Research Institutions)
  • एग्रीकल्चर एंड एलाइड सेक्टर्स (Agriculture and Allied Sectors)
  • इनोवेशन (Innovation)
  • ओपन यूनिवर्सिटीज़, स्किल यूनिवर्सिटीज़ और स्टेट-फंडेड पब्लिक यूनिवर्सिटीज़

2. मूल्यांकन के मुख्य पैरामीटर और नए बदलाव

शिक्षा मंत्रालय ने उच्च शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता को परखने के लिए रैंकिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता और सटीकता बढ़ाई है। संस्थानों को मुख्य रूप से निम्नलिखित पैमानों पर परखा जाता है:

  1. टीचिंग, लर्निंग एंड रिसोर्सेज (TLR): इसमें छात्रों की संख्या, फैकल्टी-स्टूडेंट अनुपात, पीएचडी धारक शिक्षकों की संख्या और वित्तीय संसाधनों का उपयोग शामिल है। साथ ही ऑनलाइन शिक्षा और भारतीय ज्ञान प्रणाली (IKS) जैसे पहलुओं को भी देखा जाता है।
  2. रिसर्च एंड प्रोफेशनल प्रैक्टिस: शोध पत्रों की गुणवत्ता, पेटेंट (प्रकाशित और स्वीकृत), और पेशेवर प्रोजेक्ट्स के आधार पर अंक दिए जाते हैं। इसमें सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDG) से जुड़े शोध प्रकाशनों को भी शामिल किया गया है। इसके अलावा, शोध पत्रों के वापस लिए जाने (Retraction) पर नेगेटिव मार्किंग का नियम भी लागू किया गया है।
  3. ग्रेजुएशन आउटकम्स: परीक्षा के परिणाम, प्लेसमेंट, हायर स्टडीज और औसत वेतन पैकेज का आकलन किया जाता है।
  4. आउटरीच एंड इनclusivity (OI): इसमें अन्य राज्यों और देशों के छात्रों का नामांकन, महिला छात्रों का प्रतिशत, और दिव्यांग छात्रों के लिए सुविधाएं शामिल हैं।
  5. पियर पर्सेप्शन (Peer Perception): शैक्षणिक साथियों, नियोक्ताओं और जानकारों के फीडबैक के आधार पर संस्थानों की छवि को परखा जाता है।

निष्कर्ष

NIRF Rankings 2026 के आने से देश के लाखों छात्रों को अपने पसंद के उच्च शिक्षण संस्थान (कॉलेज और यूनिवर्सिटी) चुनने में मदद मिलेगी। सूची जारी होने के बाद छात्र आधिकारिक पोर्टल पर जाकर अपने पसंदीदा कोर्स और कॉलेज की रैंक देख सकेंगे।

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